BREAKING NEWS
खम्हरा नदी ‘देशी वाटर पार्क’ में 5 बजे के बाद स्नान बैन: सीओ आफताब आलम ने जारी की सख्त सुरक्षा गाइडलाइनझारखंड के महाधिवक्ता राजीव रंजन ने दिया इस्तीफा, कारणों पर सस्पेंस बरकरारएस‌आईआर को लेकर झामुमो ने आयोजित किया बीएलए-2 प्रशिक्षण सह बूथ सम्मेलनरांची-टाटा मार्ग के सुदृढ़ीकरण को ₹214.79 करोड़ की मंजूरी, 18 जून को भूमिपूजनस्वर्णरेखा बचाने को श्रमदान अभियान शुरू, एक ट्रैक्टर कचरा निकाला गयाझारखंड राज्य जूनियर शतरंज चैंपियनशिप में खिलाड़ियों ने जीती ट्रॉफीखम्हरा नदी ‘देशी वाटर पार्क’ में 5 बजे के बाद स्नान बैन: सीओ आफताब आलम ने जारी की सख्त सुरक्षा गाइडलाइनझारखंड के महाधिवक्ता राजीव रंजन ने दिया इस्तीफा, कारणों पर सस्पेंस बरकरारएस‌आईआर को लेकर झामुमो ने आयोजित किया बीएलए-2 प्रशिक्षण सह बूथ सम्मेलनरांची-टाटा मार्ग के सुदृढ़ीकरण को ₹214.79 करोड़ की मंजूरी, 18 जून को भूमिपूजनस्वर्णरेखा बचाने को श्रमदान अभियान शुरू, एक ट्रैक्टर कचरा निकाला गयाझारखंड राज्य जूनियर शतरंज चैंपियनशिप में खिलाड़ियों ने जीती ट्रॉफी
Uncategorized

झारखंड के महाधिवक्ता राजीव रंजन ने दिया इस्तीफा, कारणों पर सस्पेंस बरकरार

June 14, 2026 Khaberaajtak@gmail.com 1 min read

रांची: झारखंड की राजनीति और कानूनी गलियारों से बड़ी खबर सामने आई है। राज्य के महाधिवक्ता (एडवोकेट जनरल) राजीव रंजन ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया है। उन्होंने अपना इस्तीफा राज्य के मुख्य सचिव को भेज दिया है। हालांकि, अब तक सरकार की ओर से इस्तीफे की आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है और न ही इसके पीछे की वजह सार्वजनिक की गई है।

राजीव रंजन वर्ष 2020 से झारखंड सरकार के महाधिवक्ता के रूप में कार्यरत थे और राज्य सरकार से जुड़े कई महत्वपूर्ण मामलों में उच्च न्यायालय के समक्ष सरकार का पक्ष रखते रहे हैं। इससे पहले भी वे अतिरिक्त महाधिवक्ता सहित कई महत्वपूर्ण कानूनी दायित्व निभा चुके हैं।

इस्तीफे की खबर सामने आने के बाद राजनीतिक और कानूनी हलकों में चर्चाओं का दौर तेज हो गया है। कुछ मीडिया रिपोर्टों में निजी कारणों का हवाला दिया गया है, लेकिन इस संबंध में कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया है।

अब सभी की नजरें राज्य सरकार के अगले कदम और नए महाधिवक्ता की नियुक्ति पर टिकी हुई हैं।

← एस‌आईआर को लेकर झामुमो ने आयोजित किया बीएलए-2 प्रशिक्षण सह बूथ सम्मेलन खम्हरा नदी ‘देशी वाटर पार्क’ में 5 बजे के बाद स्नान बैन: सीओ आफताब आलम ने जारी की सख्त सुरक्षा गाइडलाइन →

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Related News

Opinion

View All →
रम
रमेश शर्मा
वरिष्ठ संपादक

भारत की विदेश नीति में एक नए युग की शुरुआत हो रही है।

पव
पवन वर्मा
राजनीतिक विश्लेषक

लोकतंत्र की जड़ें मज़बूत करने के लिए शिक्षा में सुधार जरूरी है।

नप
नेहा पाटिल
आर्थिक विशेषज्ञ

बजट से आम जनता को राहत मिलने की उम्मीद थी, पर महंगाई चुनौती बनी है।

अक
अरुण कुमार
पूर्व IAS अधिकारी

सरकारी तंत्र में पारदर्शिता लाने के लिए डिजिटल इंडिया की पहल कारगर है।