
रांची: बिरसा कृषि विश्वविद्यालय (बीएयू) के प्रसार शिक्षा निदेशालय के तत्वावधान में राज्य के सभी कृषि विज्ञान केंद्रों के वैज्ञानिकों के लिए ‘जलवायु अनुकूल प्रौद्योगिकियों के माध्यम से कृषि एवं संबद्ध क्षेत्रों पर जलवायु के प्रभावों का प्रबंधन’ विषय पर दो दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम का शुभारंभ हुआ।

कुलपति डॉ. एस.सी. दुबे ने कहा कि झारखंड की 80 प्रतिशत खेती वर्षा आधारित है और जलवायु परिवर्तन के प्रभावों को देखते हुए वैज्ञानिकों को किसानों तक प्रभावी तकनीकों का प्रसार करना चाहिए। उन्होंने एल नीनो के संभावित प्रभावों से निपटने के लिए फसल विविधिकरण, उपयुक्त प्रभेदों के चयन तथा बोआई-रोपाई के समय में बदलाव जैसी तकनीकों को अपनाने पर जोर दिया।
प्रसार शिक्षा निदेशक डॉ. डी.के. शाही ने बताया कि किसानों को सूखा, बाढ़ और ऊष्मा सहनशील उन्नत किस्मों तथा जल संसाधनों के बेहतर उपयोग के प्रति जागरूक करना आवश्यक है। प्रशिक्षण में राज्य के कृषि विज्ञान केंद्रों के 46 वैज्ञानिक भाग ले रहे हैं।
Leave a Reply