
धनबाद: बिरसा कृषि विश्वविद्यालय के अधीन कृषि विज्ञान केंद्र (केवीके), धनबाद ने “कृषि एवं संबद्ध क्षेत्रों पर एल-नीनो के प्रभाव का शमन” विषय पर ऑनलाइन प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया। इसमें 76 किसानों ने भाग लिया। मुख्य अतिथि कुलपति डॉ. एस. सी. दुबे ने किसानों को सूखा सहनशील फसल किस्में अपनाने, वर्षा जल संरक्षण, सूक्ष्म सिंचाई और जलवायु अनुकूल कृषि पद्धतियों पर जोर दिया।

निदेशक प्रसार शिक्षा डॉ. डी. के. साही ने समयबद्ध वैज्ञानिक सलाह किसानों तक पहुंचाने की आवश्यकता बताई। अतिरिक्त निदेशक डॉ. निरंजन लाल ने जिला कृषि आकस्मिक योजना, वैकल्पिक फसल, जल संरक्षण और फसल विविधीकरण की जानकारी दी। वरिष्ठ वैज्ञानिक डॉ. अनिल कुमार ने धनबाद जिले की आकस्मिक कृषि योजना और मौसम आधारित कृषि परामर्श पर विस्तार से चर्चा की। कार्यक्रम में वैज्ञानिकों ने एल-नीनो से होने वाले प्रभावों से बचाव के उपाय बताए तथा किसानों ने वैज्ञानिक सलाह के अनुरूप खेती करने का संकल्प लिया।
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