रिपोर्ट : नितीश मिश्रा
राँची? ख़बर आजतक) : पूर्व न्यायाधीश एवं प्रख्यात झारखंड आंदोलनकारी न्यायमूर्ति एल.पी.एन. शाहदेव की पुण्यतिथि पर उन्हें भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की गई। अलग झारखंड राज्य के गठन के लिए चले ऐतिहासिक आंदोलन में उनका योगदान अविस्मरणीय रहा है। जब बिहार की तत्कालीन राजद सरकार झारखंड राज्य का विरोध कर रही थी, उस कठिन दौर में न्यायमूर्ति शाहदेव ने अपनी बौद्धिक क्षमता और नैतिक साहस से आंदोलन को मजबूती प्रदान की। उनके नेतृत्व में विभिन्न राजनीतिक दलों एवं सामाजिक संगठनों से जुड़े आंदोलनकारियों ने “पहले माटी, फिर पार्टी” का नारा बुलंद करते हुए संघर्ष को निर्णायक मुकाम तक पहुंचाया। वे ऐसे पहले पूर्व न्यायाधीश थे, जिन्हें आंदोलन के दौरान हिरासत में लिया गया। आदिवासियों और मूलवासियों के प्रति उनका समर्पण आने वाली पीढ़ियों के लिए सदैव प्रेरणास्रोत बना रहेगा।
