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करम पर्व झारखंडी अस्मिता और सांस्कृतिक स्वाभिमान की पहचान : सुदेश

September 22, 2026 Khaberaajtak@gmail.com 1 min read

धनबाद: राजगंज के बगदाहा स्थित विनोद बिहारी महतो स्टेडियम में सोमवार को करम महोत्सव का आयोजन हुआ। इसमें आजसू पार्टी के केंद्रीय अध्यक्ष एवं पूर्व उपमुख्यमंत्री सुदेश महतो मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए। हजारों लोगों ने पारंपरिक उल्लास के साथ करम पर्व मनाया।

सुदेश महतो ने कहा कि करम केवल पूजा और उत्सव नहीं, बल्कि झारखंडी समाज की प्रकृति-दृष्टि, सामाजिक चेतना और सांस्कृतिक स्वाभिमान की पहचान है। उन्होंने कहा कि झारखंड की पहचान भाषा, संस्कृति, लोकपरंपरा और सामाजिक मूल्यों से बनती है। इसलिए सांस्कृतिक विरासत को बचाना हर पीढ़ी की जिम्मेदारी है।

उन्होंने कहा कि बदलते दौर में नई पीढ़ी को अपनी भाषा, लोकगीत, लोकनृत्य और इतिहास से जोड़ना जरूरी है। विकास के साथ सांस्कृतिक पहचान और सामाजिक एकता भी मजबूत होनी चाहिए। उन्होंने करम पर्व को सामाजिक एकता, प्रकृति संरक्षण और भाई-बहन के स्नेह का संदेश देने वाला पर्व बताते हुए लोगों को शुभकामनाएं दीं।

मौके पर लंबोदर महतो, संतोष महतो, यशोदा देवी, बानी देवी, सचिन महतो समेत आजसू के पदाधिकारी, कार्यकर्ता और बड़ी संख्या में ग्रामीण मौजूद रहे।

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