
11वीं-13वीं सिविल सेवा, सीडीपीओ और खाद्य सुरक्षा अधिकारी की चयन प्रक्रिया पर होगा असर
रांची: झारखंड लोक सेवा आयोग (जेपीएससी) की तीन परीक्षाओं की नियुक्तियां रद्द करने के राज्य सरकार के फैसले को चुनौती देने वाली याचिकाओं पर सोमवार को झारखंड हाई कोर्ट में सुनवाई पूरी हो गई। न्यायमूर्ति दीपक रोशन की अदालत ने सभी पक्षों की दलीलें सुनने के बाद फैसला सुरक्षित रख लिया। अदालत ने याचिकाकर्ताओं और राज्य सरकार को गुरुवार तक संक्षिप्त लिखित नोट दाखिल करने का निर्देश दिया है।
मामला 11वीं से 13वीं संयुक्त सिविल सेवा परीक्षा, बाल विकास परियोजना पदाधिकारी (सीडीपीओ) और खाद्य सुरक्षा अधिकारी की नियुक्तियां रद्द करने से संबंधित है। राज्य सरकार के फैसले के खिलाफ अभ्यर्थियों ने हाई कोर्ट का दरवाजा खटखटाया है।
सुनवाई के दौरान अदालत ने परीक्षा रद्द करने से जुड़े सुप्रीम कोर्ट के आदेश का उल्लेख करते हुए कहा कि अब यह विचार करना होगा कि कथित अनियमितताओं के लिए जिम्मेदार अभ्यर्थियों और निर्दोष उम्मीदवारों को अलग-अलग चिह्नित करना संभव है या नहीं। साथ ही, यह भी देखा जाएगा कि अनियमितताओं से पूरी चयन प्रक्रिया प्रभावित हुई है या उसमें सुधार की गुंजाइश है।
मामले में याचिकाकर्ताओं, हस्तक्षेपकर्ताओं और राज्य सरकार ने अपनी दलीलें पेश कीं। अदालत अब प्रस्तुत तथ्यों और तर्कों का विश्लेषण कर आदेश पारित करेगी। फैसले को लेकर संबंधित अभ्यर्थियों की निगाहें हाई कोर्ट पर टिकी हैं।



