
रांची: जेपीएससी परीक्षा में कथित अनियमितताओं के विरोध में रांची में चल रहे छात्र आंदोलन के बीच अब इसके राजनीतिक स्वरूप को लेकर बहस तेज हो गई है। आंदोलन का एक वर्ग इसे पूरी तरह गैर-राजनीतिक रखने की वकालत कर रहा है, ताकि सीबीआई जांच, परीक्षा रद्द करने और निष्पक्ष कार्रवाई जैसी मांगों पर फोकस बना रहे। वहीं दूसरे पक्ष का मानना है कि राजनीतिक समर्थन से आंदोलन को मजबूती मिल सकती है।

25 जुलाई से मोरहाबादी स्थित गांधी पार्क से शुरू हुए इस आंदोलन को अब विभिन्न छात्र संगठनों के साथ कई राजनीतिक नेताओं का भी समर्थन मिल रहा है।

पूर्व शिक्षा मंत्री बंधु तिर्की, रांची की मेयर रोशनी खलखो, जेएलकेएम विधायक जयराम महतो और भाजपा के कई वरिष्ठ नेताओं ने आंदोलन के प्रति समर्थन जताया है। ऐसे में अब यह चर्चा तेज है कि आंदोलन छात्र हितों तक सीमित रहेगा या आगे चलकर झारखंड की राजनीति का प्रमुख मुद्दा बन जाएगा।
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