BREAKING NEWS
अग्रसेन जयंती महोत्सव में प्रतिभा का रंग, 150 बच्चों-महिलाओं ने दिखाया हुनरकोकर के टाटा ऑटो मोटर्स वर्कशॉप में भीषण आग, कई वाहन जलकर खाकझारखंड के छात्रों के लिए राहुल गांधी की आवाज क्यों खामोश : बाबूलाल मरांडीयुवाओं की आवाज दबाने से नहीं थमेगा छात्र आंदोलन: राफियाडॉ. मुंडा के विचारों से बनेगा अधिकार-संपन्न झारखंड : सुदेशझारखंड में राष्ट्रपति शासन लागू करने की मांग, जेएलकेएम उपाध्यक्ष अनुज कुमार ने सरकार पर साधा निशानाअग्रसेन जयंती महोत्सव में प्रतिभा का रंग, 150 बच्चों-महिलाओं ने दिखाया हुनरकोकर के टाटा ऑटो मोटर्स वर्कशॉप में भीषण आग, कई वाहन जलकर खाकझारखंड के छात्रों के लिए राहुल गांधी की आवाज क्यों खामोश : बाबूलाल मरांडीयुवाओं की आवाज दबाने से नहीं थमेगा छात्र आंदोलन: राफियाडॉ. मुंडा के विचारों से बनेगा अधिकार-संपन्न झारखंड : सुदेशझारखंड में राष्ट्रपति शासन लागू करने की मांग, जेएलकेएम उपाध्यक्ष अनुज कुमार ने सरकार पर साधा निशाना
Uncategorized

दिवंगत शिक्षिका सुजाता की स्मृति में रक्तदान, नेत्रदान व पुस्तक मेले का आयोजन

August 3, 2026 Khaberaajtak@gmail.com 1 min read

सिंदरी: भारत ज्ञान विज्ञान समिति झारखंड जिला इकाई, धनबाद की ओर से ऑफिसर्स क्लब सिंदरी में दिवंगत विज्ञान शिक्षिका सुजाता की पांचवीं पुण्यतिथि पर रक्तदान शिविर, नेत्रदान संकल्प, स्वास्थ्य परिचर्चा, ज्ञान-विज्ञान पुस्तक मेला तथा डॉ. काशी नाथ चटर्जी की पुस्तक “राजस्थान पर जल, समाज और इतिहास की यात्रा” का विमोचन किया गया। कार्यक्रम की शुरुआत सुजाता के चित्र पर पुष्पांजलि और दो मिनट के मौन के साथ हुई। राज नारायण तिवारी ने श्रद्धांजलि गीत प्रस्तुत किया।
प्रो. राजेंद्र मिश्रा ने कहा कि सिंदरी ने एक तेजस्वी शिक्षिका को खो दिया और उनकी मृत्यु जर्जर सड़क के कारण हुई दुर्घटना का परिणाम थी। उन्होंने सड़क, स्वास्थ्य और शिक्षा जैसी मूलभूत सुविधाओं को दुरुस्त करने की मांग की। डॉ. काशी नाथ चटर्जी ने अपनी पुस्तक की विषयवस्तु पर प्रकाश डाला। प्रो. सत्येंद्र नारायण सिंह ने कहा कि सुजाता केवल एक नाम नहीं, बल्कि प्रेरणा हैं। प्रो. डॉ. डी.के. सेन ने वैज्ञानिक चेतना और शिक्षा के प्रति उनके योगदान को याद किया। रवि सिंह ने शिक्षा, स्वास्थ्य, रोजगार और पर्यावरण के क्षेत्र में समिति के कार्यों की जानकारी दी।
धन्यवाद ज्ञापन करते हुए विकास कुमार ठाकुर ने कहा, “सुजाता का शरीर भले ही इस संसार से विदा हो जाए, लेकिन उनकी आँखें किसी और के जीवन में प्रकाश बनकर जीवित रहें।” उन्होंने बताया कि सुजाता के निधन के बाद उनके दोनों नेत्र दान किए गए, जिससे दो लोगों को नई रोशनी मिली।
कार्यक्रम में 24 लोगों ने रक्तदान और 3 लोगों ने नेत्रदान का संकल्प लिया। इस अवसर पर सुंदरलाल महतो, सुरेश प्रसाद, रीना भौमिक, संतोष कुमार महतो, राजीव रंजन, मिनती स्वेन (ओडिशा), रानी मिश्रा, भोला नाथ राम, मिठू दास, दिलीप विश्वकर्मा, डॉ. जे.एन. बासु, हेमंत कुमार जायसवाल, रंजू प्रसाद, रजनीकांत मिश्रा, मुकेश कुमार, अनिल कुमार शर्मा, शिबू राय, प्रफुल्ल कुमार स्वयमन, गौतम प्रसाद, सुखदेव हांसदा और मधेश्वर नाथ भगत सहित अनेक लोग उपस्थित रहे।

← सावन की पहली सोमवारी पर मंदिर सचिव सहित कई श्रद्धालुओं ने भोलेनाथ को किया जलाभिषेक सिंदरी विधायक चंद्रदेव महतो ने पेश की मानवता की मिसाल, झरिया से विस्थापित 70 वर्षीय असहाय बुजुर्ग को त्वरित पहल कर पहुँचाया अस्पताल →

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Related News

Opinion

View All →
रम
रमेश शर्मा
वरिष्ठ संपादक

भारत की विदेश नीति में एक नए युग की शुरुआत हो रही है।

पव
पवन वर्मा
राजनीतिक विश्लेषक

लोकतंत्र की जड़ें मज़बूत करने के लिए शिक्षा में सुधार जरूरी है।

नप
नेहा पाटिल
आर्थिक विशेषज्ञ

बजट से आम जनता को राहत मिलने की उम्मीद थी, पर महंगाई चुनौती बनी है।

अक
अरुण कुमार
पूर्व IAS अधिकारी

सरकारी तंत्र में पारदर्शिता लाने के लिए डिजिटल इंडिया की पहल कारगर है।