
रांची: पारस एचईसी हॉस्पिटल में दुर्लभ न्यूरोलॉजिकल बीमारी नोडोपैथी/पैरानोडोपैथी से पीड़ित चार मरीजों का सफल इलाज किया गया है। अस्पताल की न्यूरोलॉजी टीम ने पिछले छह महीनों में इन मरीजों का उपचार किया, जिसके बाद सभी में अच्छा सुधार देखा गया।

न्यूरोलॉजी विशेषज्ञ डॉ. संजीव कुमार शर्मा ने बताया कि यह बीमारी शुरुआती लक्षणों में गुइलेन-बैरे सिंड्रोम (जीबीएस) जैसी दिखती है, जिससे इसकी पहचान चुनौतीपूर्ण हो जाती है। इसमें कमजोरी आमतौर पर पैरों से शुरू होकर हाथों तक पहुंचती है और चारों अंग प्रभावित हो सकते हैं। सही निदान के लिए चिकित्सकीय लक्षणों, नर्व कंडक्शन स्टडी तथा रक्त और कमर से लिए गए द्रव की जांच की जाती है।
डॉ. संजीव कुमार शर्मा के अनुसार, उपचार में प्लाज्मा एक्सचेंज महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। जरूरत के अनुसार मरीजों को आगे मेंटेनेंस थेरेपी भी दी जाती है। उन्होंने कहा कि समय पर सही जांच और विशेषज्ञ उपचार से मरीजों के स्वास्थ्य में बेहतर सुधार संभव है।
अस्पताल के फैसिलिटी डायरेक्टर डॉ. नीतेश कुमार ने कहा कि ऐसी दुर्लभ बीमारियों के निदान और उपचार में विशेषज्ञता एवं सावधानी जरूरी है।
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