BREAKING NEWS
करमा पूजा को लेकर निगम अलर्ट, पूजा स्थलों पर बढ़ेंगी नागरिक सुविधाएंमहिला उद्यमिता को बाजार से जोड़ते हैं ऐसे आयोजन : दीपिकावाईबीएन में अभियंता दिवस: मॉडल-प्रदर्शनी में दिखी विद्यार्थियों की तकनीकी सोचमिच्छामी दुक्कड़म्… जैन श्रावकों ने संवत्सरी दिवस पर मनाया आस्था, संयम और क्षमा का पर्वरांची जिला दुर्गा पूजा समिति के आठवीं बार संरक्षक बने संजय सिंह, नमन भारतीय को मिली मंत्री की जिम्मेदारीभू-धंसान से मौतें हादसा नहीं, राज्य पोषित अवैध खनन का नतीजा : प्रतुल शाहदेवकरमा पूजा को लेकर निगम अलर्ट, पूजा स्थलों पर बढ़ेंगी नागरिक सुविधाएंमहिला उद्यमिता को बाजार से जोड़ते हैं ऐसे आयोजन : दीपिकावाईबीएन में अभियंता दिवस: मॉडल-प्रदर्शनी में दिखी विद्यार्थियों की तकनीकी सोचमिच्छामी दुक्कड़म्… जैन श्रावकों ने संवत्सरी दिवस पर मनाया आस्था, संयम और क्षमा का पर्वरांची जिला दुर्गा पूजा समिति के आठवीं बार संरक्षक बने संजय सिंह, नमन भारतीय को मिली मंत्री की जिम्मेदारीभू-धंसान से मौतें हादसा नहीं, राज्य पोषित अवैध खनन का नतीजा : प्रतुल शाहदेव
Uncategorized

भाजपा आदिवासियों को सिर्फ वोट बैंक समझती है : लाल किशोर नाथ शाहदेव

June 23, 2026 Khaberaajtak@gmail.com 1 min read

रांची: झारखंड कांग्रेस के महासचिव एवं मीडिया विभाग के संयोजक लाल किशोर नाथ शाहदेव ने भाजपा प्रदेश अध्यक्ष आदित्य साहू के बयान को भ्रामक बताते हुए कहा कि भाजपा आदिवासियों के हितों के प्रति गंभीर नहीं है। उन्होंने सरना धर्म कोड, वन कानून संशोधन और जल-जंगल-जमीन के मुद्दों पर केंद्र सरकार को घेरा।

शाहदेव ने आरोप लगाया कि भाजपा आदिवासी नेताओं और मुद्दों का राजनीतिक लाभ लेने का प्रयास कर रही है, जबकि उसकी नीतियां आदिवासी हितों के खिलाफ रही हैं। उन्होंने दिशोम गुरु शिबू सोरेन, राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु और मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन का उल्लेख करते हुए भाजपा पर आदिवासी विरोधी रवैया अपनाने का आरोप लगाया।

← एसबीपीएस के 34 कैडेटों ने सफलतापूर्वक पूरा किया एनसीसी प्रशिक्षण शिविर बीएलओ संजू टुडू की मौत पर विधायक प्रदीप यादव ने उठाए सवाल →

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Related News

Opinion

View All →
रम
रमेश शर्मा
वरिष्ठ संपादक

भारत की विदेश नीति में एक नए युग की शुरुआत हो रही है।

पव
पवन वर्मा
राजनीतिक विश्लेषक

लोकतंत्र की जड़ें मज़बूत करने के लिए शिक्षा में सुधार जरूरी है।

नप
नेहा पाटिल
आर्थिक विशेषज्ञ

बजट से आम जनता को राहत मिलने की उम्मीद थी, पर महंगाई चुनौती बनी है।

अक
अरुण कुमार
पूर्व IAS अधिकारी

सरकारी तंत्र में पारदर्शिता लाने के लिए डिजिटल इंडिया की पहल कारगर है।