
बोकारो (खबर आजतक) : राष्ट्रपति से सम्मानित अंतरराष्ट्रीय चित्रकार सरोज मिश्रा को बनारस (काशी) में बहुप्रशंसित भव्य सम्मान प्रदान किया गया। यह सम्मान महात्मा गांधी काशी विद्यापीठ और काशीका चित्रकला संगठन द्वारा आयोजित तीन दिवसीय पेंटिंग कार्यशाला (4—6 जून) के समापन अवसर पर दिया गया।
कार्यक्रम का उद्घाटन ललित कला अकादमी, उत्तर प्रदेश के अध्यक्ष और महात्मा गांधी काशी विद्यापीठ के ललितकला विभागाध्यक्ष सुनील कुमार विश्वकर्मा तथा काशी हिंदू विश्वविद्यालय की प्रोफ़ेसर उत्तमा दीक्षित ने किया। कार्यक्रम में बीएचयू के पूर्व अध्यक्ष अरविंद शुक्ला, ओमप्रकाश गुप्ता (काशिका आर्टिस्ट ग्रुप के अध्यक्ष) और उड़ीसा के प्रताप रावत सहित कई वरिष्ठ कलाकार व संस्थागत प्रतिनिधि उपस्थित रहे।

कार्यशाला के संयोजक प्रतिमा शर्मा, ज्ञानेश्वर, अरविंद कुमार, मनोज कुमार, आकृति व आकांक्षा रहे, जबकि कार्यक्रम की अध्यक्षता डॉ. ओमप्रकाश गुप्ता ने की। तीन दिवसीय कार्यक्रम में लगभग 50 राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय कलाकार शामिल हुए। प्रतिभागियों ने ऐक्रेलिक और जलरंग जैसी विभिन्न शैलियों में बनारस के विविध पहलुओं—घाट, मंदिर, जीवन-यान और सांस्कृतिक दृश्यों—को सजीव तरीके से चित्रित किया। झारखंड, उत्तर प्रदेश, उड़ीसा, दिल्ली, बिहार, देहरादून, उत्तराखंड के साथ नेपाल, श्रीलंका और मेक्सिको के कलाकारों की रंगीन प्रस्तुतियाँ देखने को मिलीं।
विशेष रूप से सरोज मिश्रा की कला और तकनीक को उपस्थित कलाकारों व दर्शकों ने सराहा। कार्यशाला के समापन अवसर पर मुख्य अतिथियों ने स्मृति चिन्ह व वस्त्र भेंटकर झारखंड राज्य के अंतरराष्ट्रीय चित्रकार सरोज मिश्रा को सम्मानित किया। सरोज मिश्रा वर्तमान में बोकारो के श्री अय्यप्पा पब्लिक स्कूल में कला शिक्षक हैं और अपने विद्यार्थियों को आदिवासी कला की तकनीक सिखाने तथा स्थानीय कलात्मक विरासत को संरक्षित करने के लिए जाने जाते हैं।
स्थानीय सूत्रों ने बताया कि इस तरह के पेंटिंग वर्कशॉप से न केवल कलाकारों के बीच तकनीकी आदान-प्रदान हुआ, बल्कि बनारस के सांस्कृतिक विषयों पर नए दृष्टिकोण भी विकसित हुए। आयोजकों ने भविष्य में ऐसे और कार्यक्रम कर युवा कलाकारों को मंच देने के इरादे जाहिर किए हैं।
Leave a Reply