
रांची: झारखंड में लंबे समय से ड्यूटी से अनुपस्थित चिकित्सकों पर स्वास्थ्य विभाग ने शिकंजा कसने की तैयारी शुरू कर दी है। विभाग ने ऐसे 695 चिकित्सकों को चिह्नित किया है। इनमें 631 डॉक्टरों को नोटिस जारी कर 15 दिनों के भीतर सेवा में होने का प्रमाण देने का निर्देश दिया गया है, जबकि 64 अन्य चिकित्सकों से स्पष्टीकरण मांगा गया है।
स्वास्थ्य विभाग के संयुक्त सचिव ललित मोहन शुक्ला के हस्ताक्षर से इस संबंध में विज्ञापन जारी किया गया है। इसमें संबंधित चिकित्सकों के नाम और अन्य विवरण शामिल हैं। विभाग ने स्पष्ट किया है कि निर्धारित समय सीमा के भीतर संतोषजनक साक्ष्य प्रस्तुत नहीं करने वाले चिकित्सकों के खिलाफ कार्रवाई की जा सकती है।
विभागीय प्रक्रिया के अनुसार, संबंधित चिकित्सकों की सेवा समाप्त करने के लिए कैबिनेट की स्वीकृति आवश्यक होगी। इसके बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी।
राज्य में चिकित्सकों के लंबे समय तक अनुपस्थित रहने का मामला पहले भी सामने आता रहा है। हालांकि, इस बार बड़ी संख्या में डॉक्टरों को एक साथ चिह्नित किए जाने से विभाग की कार्रवाई महत्वपूर्ण मानी जा रही है। इस पहल का उद्देश्य स्वास्थ्य सेवाओं में जवाबदेही सुनिश्चित करना और सरकारी व्यवस्था में चिकित्सकों की उपलब्धता को लेकर स्थिति स्पष्ट करना है।



