झारखण्ड राँची

आरयू के इंस्टीट्यूट ऑफ लीगल स्टडीज में विभिन्न शैक्षणिक व गैर शैक्षणिक समस्याओं को लेकर अभाविप ILS इकाई द्वारा परिसर में तालाबंदी कर किया कुलपति का घेराव

यह संस्थान आरयू की सबसे ज्यादा फीस लेने वाली संस्थान: रिया सिंह

नितीश_मिश्र

राँची(खबर_आजतक): आरयू अंतर्गत इंस्टीट्यूट ऑफ़ लीगल स्टडीज में विभिन्न शैक्षणिक एवं गैर शैक्षणिक समस्याओं को लेकर बुधवार को अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद ILS इकाई के द्वारा परिसर में तालाबंदी कर कुलपति का घेराव किया गया। घण्टों चले इस प्रदर्शन में संस्थान के सभी सेमेस्टर से छात्र-छात्राओं की सहभागिता रही।

इस मौके पर उपस्थित अभाविप इंस्टीट्यूट ऑफ लीगल स्टडीज के इकाई अध्यक्ष यश चौरसिया ने कहा कि बार काउंसिल ऑफ़ इंडिया के किसी भी नियम का संस्थान में पालन नहीं किया जा रहा है न ही उसके आधार पर यहाँ क्लासरूम है न ही शिक्षकों को उसके आधार पर वेतन दिया जा रहा है जिस कारण से प्रत्येक वर्ष संस्थान को एफिलिएशन मिलने में भी दिक्कत हो रही है और बिना एफीलिएशन मिले इस वर्ष छात्रों का नामांकन किया जा चुका है अगर किसी कारणवश एफीलिएशन नहीं मिलती है तो क्या इतने छात्रों के भविष्य की जिम्मेवारी विश्विद्यालय प्रशाशन लेगी ?

    वही मौके पर उपस्थित इकाई मंत्री रिया सिंह ने कहा कि यह संस्थान राँची विश्वविद्यालय की सबसे ज्यादा फीस लेने वाली संस्थान है परन्तु न ही यहाँ पर कोई मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध है न ही किसी तरह के कार्यक्रम का आयोजन की जाती है और सबसे प्रमुख विषय यह है कि यहाँ पर मूट कोर्ट भी नहीं किया जाता है जबकि बार काउंसिल के नियमानुसार वर्ष में तीन बार मुट कोर्ट करानें का प्रावधान है।

     वही अभाविप राँची महानगर के कार्यकर्ता एवं ILS के छात्र ऋतुराज शाहदेव ने कहा कि विश्वविद्यालय प्रशासन इस संस्थान के साथ लगातार सौतेला व्यवहार कर रही है। यहां पर ऐसे विद्यार्थी भी पढ़ते हैं जो मध्यम वर्गीय किसान परिवार से आते हैं और विश्वविद्यालय विलंब शुल्क के नाम पर सदैव अवैध वसूली करती आ रही है। विश्वविद्यालय प्रशासन को छात्र हित में अविलंब इन सभी समस्याओं का निराकरण करना चाहिए, अन्यथा ILS इकाई पुनः तालाबंदी के लिए बाध्य होगी।

  उपरोक्त विषय के संदर्भ में अभाविप विश्वविद्यालय प्रशासन से निम्नलिखित माँगे करती है :-

संस्थान का संचालन बार काउंसिल ऑफ इंडिया के नियमानुसार हो।
अविलंब प्लेसमेंट सेल लाया जाए एवं स्थाई निदेशक की नियुक्ति हो।
मूलभूत सुविधा जैसे पेयजल, शौचालय, कॉमन रूम, खेल-कूद का मैदान, क्लासरूम जैसे मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध कराया जाए।
जैसा कि BCI के नियमानुसार वर्ष में तीन बार मुट कोर्ट करानें का प्रावधान है तो उसके आधार पर संस्थान में मुट कोर्ट करने का प्रबंध किया जाए, जो कि सबसे महत्वपूर्ण है।
यह संस्थान राँची विश्वविद्यालय की सबसे ज्यादा फीस लेने वाली संस्थान है इसलिए छात्रों के लिए अच्छी सुविधा एवं फेकल्टी का प्रबंध किया जाए अथवा छात्रों का फी कम किया जाए।

इस दौरान कुलपति डॉ अजीत सिन्हा ने विषयों पर संज्ञान लेते हुए कहा कि सभी माँगें छात्रहित में है, मैं आप सबों से दो माह के समय की माँग करता हूँ, इन दो माह के भीतर सभी समस्याओं का निराकरण किया जाएगा।

इस मौके पर अभाविप के राष्ट्रीय कार्यकारिणी सदस्य विशाल सिंह, विभाग संयोजक प्रेम प्रतीक, जिला संयोजक अमर सिंह, अंकित सिंह, आयुष सिंह, नीरज गुप्ता, अवंतिका उपाध्याय, अंशु राज सिन्हा, तुषार दुबे, संध्या परमार, गौरव शाही, सिद्धि सिंह एवं सौरव परिहार मौजूद थे।

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