BREAKING NEWS
खान-खनिज संशोधन विधेयक के खिलाफ गिरिडीह में मोदी का पुतला दहनहोली से पहले जब्त शराब कांड का दूसरा आरोपी 6 माह बाद गिरफ्तारहजारी पंचायतआरटीआई में खुली आरओ खरीद की पोल, जांच की मांगमैथन सेंट्रल स्कूल में साइबर अपराध के प्रति जागरूकताJSSC-CGL रद्द होने पर भड़का आक्रोश, नौकरी बचाने सड़क पर उतरे कर्मचारीजीवन कौशल प्रशिक्षण के साथ युवाओं ने ली नशामुक्ति की शपथखान-खनिज संशोधन विधेयक के खिलाफ गिरिडीह में मोदी का पुतला दहनहोली से पहले जब्त शराब कांड का दूसरा आरोपी 6 माह बाद गिरफ्तारहजारी पंचायतआरटीआई में खुली आरओ खरीद की पोल, जांच की मांगमैथन सेंट्रल स्कूल में साइबर अपराध के प्रति जागरूकताJSSC-CGL रद्द होने पर भड़का आक्रोश, नौकरी बचाने सड़क पर उतरे कर्मचारीजीवन कौशल प्रशिक्षण के साथ युवाओं ने ली नशामुक्ति की शपथ
Uncategorized

आश्वासन के बाद भाकपा माले का धरना समाप्त, भ्रष्टाचार पर सख्ती का भरोसा

July 14, 2026 Khaberaajtak@gmail.com 1 min read

बलियापुर : सरकारी कार्यालयों में भ्रष्टाचार और जनविरोधी नीतियों के खिलाफ भाकपा माले का अनिश्चितकालीन धरना मंगलवार को प्रशासनिक आश्वासन के बाद समाप्त हो गया। सिंदरी के पूर्व विधायक आनंद महतो की उपस्थिति में प्रखंड और अंचल अधिकारियों के साथ हुई वार्ता के बाद आंदोलनकारियों ने धरना स्थगित करने का निर्णय लिया।धरने के दूसरे दिन सीओ मुरारी नायक, बीडीओ प्रभाष चंद्र दास और थाना प्रभारी सत्यजीत कुमार सीधे धरना स्थल पहुंचे।

पूर्व विधायक आनंद महतो की मौजूदगी में अधिकारियों ने माइक संभालकर ग्रामीणों को भरोसा दिलाया कि किसी भी कार्यालय में भ्रष्टाचार या लापरवाही बर्दाश्त नहीं होगी और सभी जनहित कार्य समयबद्ध तरीके से पूरे किए जाएंगे।अधिकारियों ने स्पष्ट कहा कि यदि किसी से अवैध वसूली होती है तो तुरंत शिकायत करें, सख्त कार्रवाई की जाएगी। वहीं भाकपा माले के प्रखंड सचिव गणेश चंद्र महतो ने चेतावनी दी कि सुधार नहीं हुआ तो उग्र आंदोलन होगा।इस दौरान बड़ी संख्या में ग्रामीण व कार्यकर्ता मौजूद रहे।

← मैथन–निरसा में बूथ निरीक्षण, आयुक्त ने दिए सटीक मतदाता सूची तैयार करने के निर्देश वरिष्ठ कांग्रेसी नेता हाजी मन्नान मल्लिक के निधन पर सिंदरी में शोक की लहर →

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Related News

Opinion

View All →
रम
रमेश शर्मा
वरिष्ठ संपादक

भारत की विदेश नीति में एक नए युग की शुरुआत हो रही है।

पव
पवन वर्मा
राजनीतिक विश्लेषक

लोकतंत्र की जड़ें मज़बूत करने के लिए शिक्षा में सुधार जरूरी है।

नप
नेहा पाटिल
आर्थिक विशेषज्ञ

बजट से आम जनता को राहत मिलने की उम्मीद थी, पर महंगाई चुनौती बनी है।

अक
अरुण कुमार
पूर्व IAS अधिकारी

सरकारी तंत्र में पारदर्शिता लाने के लिए डिजिटल इंडिया की पहल कारगर है।