BREAKING NEWS
बोकारो में आयुर्वेदिक औषधीय पौधों के उद्यान की होगी स्थापना, आयुष विभाग ने शुरू की पहलडोमिसाइल आंदोलन के शहीदों को श्रद्धांजलि, सम्मान की मांगएमिटी यूनिवर्सिटी और एफजेसीसीआई के बीच एमओयू, स्टार्टअप को मिलेगा बढ़ावारांची विश्वविद्यालय की वित्त समिति की बैठक, कई प्रस्तावों को मंजूरीझारखंड के प्रारंभिक शिक्षकों को एसीपी-एम‌एसीपी का लाभ नहीं मिलेगाराजस्व लक्ष्य हासिल करने के लिए विभागों को उपायुक्त के सख्त निर्देशबोकारो में आयुर्वेदिक औषधीय पौधों के उद्यान की होगी स्थापना, आयुष विभाग ने शुरू की पहलडोमिसाइल आंदोलन के शहीदों को श्रद्धांजलि, सम्मान की मांगएमिटी यूनिवर्सिटी और एफजेसीसीआई के बीच एमओयू, स्टार्टअप को मिलेगा बढ़ावारांची विश्वविद्यालय की वित्त समिति की बैठक, कई प्रस्तावों को मंजूरीझारखंड के प्रारंभिक शिक्षकों को एसीपी-एम‌एसीपी का लाभ नहीं मिलेगाराजस्व लक्ष्य हासिल करने के लिए विभागों को उपायुक्त के सख्त निर्देश
Uncategorized

एमिटी यूनिवर्सिटी और एफजेसीसीआई के बीच एमओयू, स्टार्टअप को मिलेगा बढ़ावा

July 25, 2026 Khaberaajtak@gmail.com 1 min read

रांची: एमिटी यूनिवर्सिटी झारखंड में आयोजित स्टार्टअप कॉन्क्लेव-2026 के दौरान फेडरेशन ऑफ झारखंड चैंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्रीज और विश्वविद्यालय के बीच स्टार्टअप, नवाचार एवं उद्यमिता को बढ़ावा देने के लिए एमओयू पर हस्ताक्षर किए गए। इस अवसर पर चैम्बर अध्यक्ष आदित्य मल्होत्रा ने कहा कि उद्योग, शिक्षण संस्थानों और सरकार के समन्वय से झारखंड को उद्यमिता का मजबूत केंद्र बनाया जा सकता है।

उन्होंने कहा कि आज के युवा केवल रोजगार खोजने वाले नहीं, बल्कि रोजगार सृजित करने वाले बन रहे हैं। कृषि, स्वच्छ ऊर्जा, डिजिटल तकनीक और लॉजिस्टिक्स जैसे क्षेत्रों में राज्य में अपार संभावनाएं हैं। उन्होंने कहा कि झारखंड चैंबर स्टार्टअप्स को उद्योग विशेषज्ञों का मार्गदर्शन, नेटवर्किंग और नीतिगत सहयोग उपलब्ध कराने के लिए प्रतिबद्ध है। कार्यक्रम में श्रम, नियोजन, प्रशिक्षण एवं कौशल विकास विभाग के सचिव जितेंद्र कुमार सिंह, एफजेसीसीआई के पदाधिकारी, उद्योग जगत के प्रतिनिधि और बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे।

← रांची विश्वविद्यालय की वित्त समिति की बैठक, कई प्रस्तावों को मंजूरी डोमिसाइल आंदोलन के शहीदों को श्रद्धांजलि, सम्मान की मांग →

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Related News

Opinion

View All →
रम
रमेश शर्मा
वरिष्ठ संपादक

भारत की विदेश नीति में एक नए युग की शुरुआत हो रही है।

पव
पवन वर्मा
राजनीतिक विश्लेषक

लोकतंत्र की जड़ें मज़बूत करने के लिए शिक्षा में सुधार जरूरी है।

नप
नेहा पाटिल
आर्थिक विशेषज्ञ

बजट से आम जनता को राहत मिलने की उम्मीद थी, पर महंगाई चुनौती बनी है।

अक
अरुण कुमार
पूर्व IAS अधिकारी

सरकारी तंत्र में पारदर्शिता लाने के लिए डिजिटल इंडिया की पहल कारगर है।