BREAKING NEWS
गोमिया: सीसीएल कथारा क्षेत्र के स्वांग वाशरी आवासीय परिसर की सड़कें बदहाल, हादसों का खतराहरे परिधानों में सजी महिलाओं ने मनाया भव्य सावन महोत्सवगिरिडीह जिले के गांडेय से दो अपहृत युवकों को पुलिस ने सकुशल बरामद किया दो आरोपी गिरफ्तार।ज्ञान के प्रति भूख जरूरी, विद्यार्थी अपनी क्षमता निखारें : निदेशक प्रभारी प्रिय रंजनदिल्ली की ‘लेडी सिंघम’ का गिरिडीह में सम्मान, लाखों महिलाओं को सिखा चुकीं आत्मरक्षास्वतंत्रता दिवस की तैयारियों को अंतिम रूप, डीसी-एसपी ने परेड पूर्वाभ्यास का लिया जायजागोमिया: सीसीएल कथारा क्षेत्र के स्वांग वाशरी आवासीय परिसर की सड़कें बदहाल, हादसों का खतराहरे परिधानों में सजी महिलाओं ने मनाया भव्य सावन महोत्सवगिरिडीह जिले के गांडेय से दो अपहृत युवकों को पुलिस ने सकुशल बरामद किया दो आरोपी गिरफ्तार।ज्ञान के प्रति भूख जरूरी, विद्यार्थी अपनी क्षमता निखारें : निदेशक प्रभारी प्रिय रंजनदिल्ली की ‘लेडी सिंघम’ का गिरिडीह में सम्मान, लाखों महिलाओं को सिखा चुकीं आत्मरक्षास्वतंत्रता दिवस की तैयारियों को अंतिम रूप, डीसी-एसपी ने परेड पूर्वाभ्यास का लिया जायजा
Uncategorized

गुरु का स्थान भारतीय संस्कृति में सर्वोच्च : राज्यपाल

July 29, 2026 Khaberaajtak@gmail.com 1 min read

रांची: राज्यपाल संतोष कुमार गंगवार ने गुरु पूर्णिमा के अवसर पर सरस्वती शिशु विद्या मंदिर, धुर्वा में आयोजित विद्यालय की वार्षिक पत्रिका “अरुणोदय” के लोकार्पण एवं आचार्य सम्मान समारोह को संबोधित करते हुए कहा कि भारतीय संस्कृति में गुरु का स्थान सर्वोच्च है। गुरु केवल ज्ञान ही नहीं देते, बल्कि विद्यार्थियों के व्यक्तित्व निर्माण और जीवन को सही दिशा प्रदान करते हैं।

राज्यपाल ने कहा कि सरस्वती शिशु विद्या मंदिर शिक्षा, संस्कार, अनुशासन और राष्ट्रभावना का प्रेरणादायी केंद्र है। उन्होंने कहा कि शिक्षा का उद्देश्य केवल रोजगार प्राप्त करना नहीं, बल्कि संवेदनशील, संस्कारी और उत्तरदायी नागरिक तैयार करना है। आधुनिक शिक्षा के साथ भारतीय जीवन मूल्यों का समन्वय विकसित भारत की आधारशिला है।

उन्होंने राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 की सराहना करते हुए कहा कि ऐसी संस्थाएं इसके उद्देश्यों को साकार करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही हैं। राज्यपाल ने विद्यार्थियों से बड़े सपने देखने, अनुशासन अपनाने और गुरुजनों का सम्मान करने का आह्वान किया।

← गोड्डा होम्योपैथिक कॉलेज में 6 नए लेक्चररों की नियुक्ति, स्वास्थ्य शिक्षा को मिलेगा बल रांची के वार्ड 31 में आरसीसी नाली निर्माण कार्य का शिलान्यास →

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Related News

Opinion

View All →
रम
रमेश शर्मा
वरिष्ठ संपादक

भारत की विदेश नीति में एक नए युग की शुरुआत हो रही है।

पव
पवन वर्मा
राजनीतिक विश्लेषक

लोकतंत्र की जड़ें मज़बूत करने के लिए शिक्षा में सुधार जरूरी है।

नप
नेहा पाटिल
आर्थिक विशेषज्ञ

बजट से आम जनता को राहत मिलने की उम्मीद थी, पर महंगाई चुनौती बनी है।

अक
अरुण कुमार
पूर्व IAS अधिकारी

सरकारी तंत्र में पारदर्शिता लाने के लिए डिजिटल इंडिया की पहल कारगर है।