BREAKING NEWS
खान-खनिज संशोधन विधेयक के खिलाफ गिरिडीह में मोदी का पुतला दहनहोली से पहले जब्त शराब कांड का दूसरा आरोपी 6 माह बाद गिरफ्तारहजारी पंचायतआरटीआई में खुली आरओ खरीद की पोल, जांच की मांगमैथन सेंट्रल स्कूल में साइबर अपराध के प्रति जागरूकताJSSC-CGL रद्द होने पर भड़का आक्रोश, नौकरी बचाने सड़क पर उतरे कर्मचारीजीवन कौशल प्रशिक्षण के साथ युवाओं ने ली नशामुक्ति की शपथखान-खनिज संशोधन विधेयक के खिलाफ गिरिडीह में मोदी का पुतला दहनहोली से पहले जब्त शराब कांड का दूसरा आरोपी 6 माह बाद गिरफ्तारहजारी पंचायतआरटीआई में खुली आरओ खरीद की पोल, जांच की मांगमैथन सेंट्रल स्कूल में साइबर अपराध के प्रति जागरूकताJSSC-CGL रद्द होने पर भड़का आक्रोश, नौकरी बचाने सड़क पर उतरे कर्मचारीजीवन कौशल प्रशिक्षण के साथ युवाओं ने ली नशामुक्ति की शपथ
Uncategorized

झारखंड चैंबर की कार्यकारिणी बैठक में भवन नियमितीकरण योजना की अवधि बढ़ाने की मांग

July 28, 2026 Khaberaajtak@gmail.com 1 min read

रांची: झारखंड चैंबर की कार्यकारिणी समिति की 11वीं बैठक अध्यक्ष आदित्य मल्होत्रा की अध्यक्षता में चैंबर भवन में हुई। बैठक में भवन नियमितीकरण योजना की अवधि बढ़ाने, होल्डिंग टैक्स वृद्धि की समीक्षा, सेवा सदन रोड की जलजमाव समस्या के स्थायी समाधान और उद्योगों को प्रोत्साहन देने जैसे मुद्दों पर चर्चा हुई। चैंबर ने एमिटी यूनिवर्सिटी और झारखंड स्किल डेवलपमेंट मिशन के साथ हुए एमओयू को उद्योग एवं कौशल विकास के लिए महत्वपूर्ण बताया। बैठक में 36 नए आजीवन सदस्यों को सदस्यता प्रदान की गई तथा चैंबर पत्रिका का विमोचन किया गया। साथ ही 3 अगस्त को बीआईटी मेसरा के सहयोग से आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और 11 अगस्त को डिजिटल मार्केटिंग पर कार्यशालाएं आयोजित करने की घोषणा की गई। व्यवसायियों ने सरकारी सेवाओं में पारदर्शी डिजिटलीकरण और ऑनलाइन ट्रैकिंग सिस्टम लागू करने की भी मांग उठाई।

← झारखंड-बिहार में पहली बार शुरू होगा ‘रोटरी मीन्स बिजनेस’, कनिका मल्होत्रा बनीं रांची चैप्टर की चेयरमैन एसआईआर-2026: समय से पहले डिजिटाइजेशन पूरा, डीसी ने टीम को सराहा →

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Related News

Opinion

View All →
रम
रमेश शर्मा
वरिष्ठ संपादक

भारत की विदेश नीति में एक नए युग की शुरुआत हो रही है।

पव
पवन वर्मा
राजनीतिक विश्लेषक

लोकतंत्र की जड़ें मज़बूत करने के लिए शिक्षा में सुधार जरूरी है।

नप
नेहा पाटिल
आर्थिक विशेषज्ञ

बजट से आम जनता को राहत मिलने की उम्मीद थी, पर महंगाई चुनौती बनी है।

अक
अरुण कुमार
पूर्व IAS अधिकारी

सरकारी तंत्र में पारदर्शिता लाने के लिए डिजिटल इंडिया की पहल कारगर है।