BREAKING NEWS
खान-खनिज संशोधन विधेयक के खिलाफ गिरिडीह में मोदी का पुतला दहनहोली से पहले जब्त शराब कांड का दूसरा आरोपी 6 माह बाद गिरफ्तारहजारी पंचायतआरटीआई में खुली आरओ खरीद की पोल, जांच की मांगमैथन सेंट्रल स्कूल में साइबर अपराध के प्रति जागरूकताJSSC-CGL रद्द होने पर भड़का आक्रोश, नौकरी बचाने सड़क पर उतरे कर्मचारीजीवन कौशल प्रशिक्षण के साथ युवाओं ने ली नशामुक्ति की शपथखान-खनिज संशोधन विधेयक के खिलाफ गिरिडीह में मोदी का पुतला दहनहोली से पहले जब्त शराब कांड का दूसरा आरोपी 6 माह बाद गिरफ्तारहजारी पंचायतआरटीआई में खुली आरओ खरीद की पोल, जांच की मांगमैथन सेंट्रल स्कूल में साइबर अपराध के प्रति जागरूकताJSSC-CGL रद्द होने पर भड़का आक्रोश, नौकरी बचाने सड़क पर उतरे कर्मचारीजीवन कौशल प्रशिक्षण के साथ युवाओं ने ली नशामुक्ति की शपथ
Uncategorized

पेपर लीक मुद्दे पर केंद्रीय शिक्षा मंत्री का इस्तीफा युवाओं की जीत: दीपिका पांडेय सिंह

July 25, 2026 Khaberaajtak@gmail.com 1 min read

रांची: झारखंड की ग्रामीण विकास एवं पंचायती राज मंत्री दीपिका पांडेय सिंह ने केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे को देश के युवाओं की बड़ी जीत बताया है। उन्होंने कहा कि पेपर लीक के मुद्दे पर केंद्र सरकार ने छात्रों की आवाज दबाने की कोशिश की, लेकिन देशभर के छात्र-युवाओं की एकजुटता ने सरकार को झुकने पर मजबूर कर दिया।

उन्होंने कहा कि जब युवा आत्महत्या जैसे कदम उठाने को मजबूर थे, तब सरकार मामले को नकारने में लगी रही। दीपिका पांडेय सिंह ने कहा कि लोकतांत्रिक आंदोलनों को कभी दमन से नहीं दबाया जा सकता। उन्होंने आंदोलन में शामिल युवाओं के साहस की सराहना करते हुए कहा कि उन्होंने आने वाली पीढ़ियों के भविष्य के लिए संघर्ष किया। साथ ही उन्होंने कहा कि राहुल गांधी और इंडिया गठबंधन के सहयोगी दलों ने इस आंदोलन को नई दिशा देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। उन्होंने इसे तानाशाही के खिलाफ एक अहम जीत बताते हुए संघर्ष जारी रखने का आह्वान किया।

← गंभीर फेफड़ा लोगों के इलाज में आधुनिक तकनीक पर यशोदा हॉस्पिटल का फोकस श्रावणी मेला 2026: वीआईपी दर्शन पर रोक, श्रद्धालुओं के लिए बढ़ेंगी सुविधाएं →

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Related News

Opinion

View All →
रम
रमेश शर्मा
वरिष्ठ संपादक

भारत की विदेश नीति में एक नए युग की शुरुआत हो रही है।

पव
पवन वर्मा
राजनीतिक विश्लेषक

लोकतंत्र की जड़ें मज़बूत करने के लिए शिक्षा में सुधार जरूरी है।

नप
नेहा पाटिल
आर्थिक विशेषज्ञ

बजट से आम जनता को राहत मिलने की उम्मीद थी, पर महंगाई चुनौती बनी है।

अक
अरुण कुमार
पूर्व IAS अधिकारी

सरकारी तंत्र में पारदर्शिता लाने के लिए डिजिटल इंडिया की पहल कारगर है।