BREAKING NEWS
मुख्यमंत्री हेमन्त सोरेन ने 262 अभ्यर्थियों को नियुक्ति पत्र सौंपेकॉमन यूनिवर्सिटी एंट्रेंस टेस्ट 2026 में डीपीएस रांची का शानदार प्रदर्शन, प्रियांशु कुमार सिंह बने टॉपरअस्पताल में भर्ती विधायक पूर्णिमा साहू से मिले भाजपा प्रदेश अध्यक्ष आदित्य साहूसीसीएल में संविदा कार्यों की एसओपी पर क्षमता निर्माण कार्यक्रमजेएससीए भगदड़ कुप्रबंधन का परिणाम : दीपक प्रकाशवन्यजीव अपराध रोकथाम को लेकर रांची में समन्वय बैठकमुख्यमंत्री हेमन्त सोरेन ने 262 अभ्यर्थियों को नियुक्ति पत्र सौंपेकॉमन यूनिवर्सिटी एंट्रेंस टेस्ट 2026 में डीपीएस रांची का शानदार प्रदर्शन, प्रियांशु कुमार सिंह बने टॉपरअस्पताल में भर्ती विधायक पूर्णिमा साहू से मिले भाजपा प्रदेश अध्यक्ष आदित्य साहूसीसीएल में संविदा कार्यों की एसओपी पर क्षमता निर्माण कार्यक्रमजेएससीए भगदड़ कुप्रबंधन का परिणाम : दीपक प्रकाशवन्यजीव अपराध रोकथाम को लेकर रांची में समन्वय बैठक
Uncategorized

बालू घाटों की नीलामी में देरी से झारखंड में संकट गहराया, रांची में कालाबाजारी तेज

June 1, 2026 Khaberaajtak@gmail.com 1 min read

रांची: राज्य में बालू घाटों की नीलामी लंबित रहने से बालू संकट गहराता जा रहा है। राजधानी रांची समेत कई जिलों में भवन निर्माण, सरकारी योजनाओं और निजी निर्माण कार्य प्रभावित हो रहे हैं। बालू की कमी का फायदा उठाकर अवैध कारोबारियों द्वारा कालाबाजारी किए जाने की शिकायतें भी बढ़ी हैं। शहर के विभिन्न इलाकों में बड़े पैमाने पर बालू डंप कर मनमाने दामों पर बिक्री की जा रही है, जिससे आम उपभोक्ताओं और छोटे निर्माण कार्य कराने वालों पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ पड़ रहा है। स्थानीय लोगों का आरोप है कि नदी घाटों से अवैध रूप से बालू उठाव कर उसकी खुलेआम बिक्री की जा रही है। निर्माण क्षेत्र से जुड़े लोगों का कहना है कि बालू की कमी से कई परियोजनाएं प्रभावित हो रही हैं और मजदूरों के सामने रोजगार का संकट भी खड़ा हो रहा है। इस बीच प्रशासन की कार्रवाई को लेकर भी सवाल उठ रहे हैं।

← परिसीमन का आदिवासी समाज पर प्रतिकूल असर नहीं होने देंगे : बंधु तिर्की राज्यसभा चुनाव को लेकर झारखंड में बढ़ी राजनीतिक सरगर्मी, कांग्रेस की नजर झामुमो के समर्थन पर →

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Related News

Opinion

View All →
रम
रमेश शर्मा
वरिष्ठ संपादक

भारत की विदेश नीति में एक नए युग की शुरुआत हो रही है।

पव
पवन वर्मा
राजनीतिक विश्लेषक

लोकतंत्र की जड़ें मज़बूत करने के लिए शिक्षा में सुधार जरूरी है।

नप
नेहा पाटिल
आर्थिक विशेषज्ञ

बजट से आम जनता को राहत मिलने की उम्मीद थी, पर महंगाई चुनौती बनी है।

अक
अरुण कुमार
पूर्व IAS अधिकारी

सरकारी तंत्र में पारदर्शिता लाने के लिए डिजिटल इंडिया की पहल कारगर है।