BREAKING NEWS
खान-खनिज संशोधन विधेयक के खिलाफ गिरिडीह में मोदी का पुतला दहनहोली से पहले जब्त शराब कांड का दूसरा आरोपी 6 माह बाद गिरफ्तारहजारी पंचायतआरटीआई में खुली आरओ खरीद की पोल, जांच की मांगमैथन सेंट्रल स्कूल में साइबर अपराध के प्रति जागरूकताJSSC-CGL रद्द होने पर भड़का आक्रोश, नौकरी बचाने सड़क पर उतरे कर्मचारीजीवन कौशल प्रशिक्षण के साथ युवाओं ने ली नशामुक्ति की शपथखान-खनिज संशोधन विधेयक के खिलाफ गिरिडीह में मोदी का पुतला दहनहोली से पहले जब्त शराब कांड का दूसरा आरोपी 6 माह बाद गिरफ्तारहजारी पंचायतआरटीआई में खुली आरओ खरीद की पोल, जांच की मांगमैथन सेंट्रल स्कूल में साइबर अपराध के प्रति जागरूकताJSSC-CGL रद्द होने पर भड़का आक्रोश, नौकरी बचाने सड़क पर उतरे कर्मचारीजीवन कौशल प्रशिक्षण के साथ युवाओं ने ली नशामुक्ति की शपथ
Uncategorized

बीआईटी मेसरा में RESCOL-VI का शुभारंभ, शोध में सामाजिक प्रभाव और नैतिकता पर जोर

July 14, 2026 Khaberaajtak@gmail.com 1 min read

रांची: बीआईटी मेसरा में दो दिवसीय छठे रिसर्च कोलोक्वियम (RESCOL-VI) का शुभारंभ हुआ। कार्यक्रम में 269 शोध प्रस्तुतियां (123 मौखिक और 146 पोस्टर) शामिल हैं। उद्घाटन समारोह के मुख्य अतिथि आईआईआईटी रांची के निदेशक प्रो. राजीव श्रीवास्तव थे। कुलपति प्रो. इंद्रनील मन्ना ने कहा कि “यदि ज्ञान धर्म है तो अनुसंधान उसकी पूजा है” तथा शोध में नैतिकता और सामाजिक उपयोगिता को सर्वोच्च प्राथमिकता देने की आवश्यकता बताई। उन्होंने बताया कि संस्थान ने अनुसंधान अवसंरचना पर 5–6 करोड़ रुपये का निवेश किया है। मुख्य अतिथि प्रो. श्रीवास्तव ने शोधार्थियों से मूलभूत विषयों में मजबूत आधार बनाकर “अवसर निर्माता” बनने का आह्वान किया। कार्यक्रम में पीएचडी शोधार्थियों ने पोस्टर प्रदर्शनी के माध्यम से अपने शोध कार्य प्रस्तुत किए और विशेषज्ञों से सीधा मार्गदर्शन प्राप्त किया।

← 17 जुलाई से शुरू होगी 65वीं राज्य स्तरीय सुब्रतो मुखर्जी फुटबॉल प्रतियोगिता पूर्व मंत्री मन्नान मल्लिक को भावभीनी श्रद्धांजलि →

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Related News

Opinion

View All →
रम
रमेश शर्मा
वरिष्ठ संपादक

भारत की विदेश नीति में एक नए युग की शुरुआत हो रही है।

पव
पवन वर्मा
राजनीतिक विश्लेषक

लोकतंत्र की जड़ें मज़बूत करने के लिए शिक्षा में सुधार जरूरी है।

नप
नेहा पाटिल
आर्थिक विशेषज्ञ

बजट से आम जनता को राहत मिलने की उम्मीद थी, पर महंगाई चुनौती बनी है।

अक
अरुण कुमार
पूर्व IAS अधिकारी

सरकारी तंत्र में पारदर्शिता लाने के लिए डिजिटल इंडिया की पहल कारगर है।