BREAKING NEWS
ईएसएल स्टील ने तकनीकी कौशल प्रशिक्षण केंद्र का किया उद्घाटन, कर्मचारियों को मिलेगा व्यावहारिक प्रशिक्षणस्व. फुटबॉलर कजरा मुर्मू को श्रद्धांजलि, परिजनों को फाउंडेशन ने दी आर्थिक सहायतातेनुघाट पुलिस की पहल: नवोदय विद्यालय में बच्चों को साइबर क्राइम और पोक्सो एक्ट की दी जानकारीगंभीर औद्योगिक अशांति को न्योता दे रहा है वर्तमान बीएसएल प्रबंधन: कुमार अमितसेवा संकल्प अभियान के तहत बच्चों ने रंगों में उकेरा विकसित भारत का सपनारोजगार भारती महिला आजीविका संकुल संगठन की वार्षिक आम सभा का किया गया आयोजितईएसएल स्टील ने तकनीकी कौशल प्रशिक्षण केंद्र का किया उद्घाटन, कर्मचारियों को मिलेगा व्यावहारिक प्रशिक्षणस्व. फुटबॉलर कजरा मुर्मू को श्रद्धांजलि, परिजनों को फाउंडेशन ने दी आर्थिक सहायतातेनुघाट पुलिस की पहल: नवोदय विद्यालय में बच्चों को साइबर क्राइम और पोक्सो एक्ट की दी जानकारीगंभीर औद्योगिक अशांति को न्योता दे रहा है वर्तमान बीएसएल प्रबंधन: कुमार अमितसेवा संकल्प अभियान के तहत बच्चों ने रंगों में उकेरा विकसित भारत का सपनारोजगार भारती महिला आजीविका संकुल संगठन की वार्षिक आम सभा का किया गया आयोजित
Uncategorized

मुख्यमंत्री से संवाद में दूरी लोकतांत्रिक व्यवस्था पर सवाल : सुदेश महतो

September 6, 2026 Khaberaajtak@gmail.com 1 min read

रांची: आजसू पार्टी के केंद्रीय अध्यक्ष एवं पूर्व उपमुख्यमंत्री सुदेश कुमार महतो ने राज्य की शासन व्यवस्था और लोकतांत्रिक परंपराओं को लेकर सरकार पर सवाल उठाए हैं। उन्होंने पूछा कि क्या मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन अप्रासंगिक हो गए हैं और क्या सरकार के राजनीतिक नेतृत्व की पकड़ कमजोर हुई है।

सुदेश महतो ने कहा कि नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी और भाजपा प्रदेश अध्यक्ष आदित्य प्रसाद साहू को मुख्यमंत्री से समय नहीं मिलने के कारण मुख्य सचिव को ज्ञापन सौंपना पड़ा। उन्होंने कहा कि सरकार में शामिल कांग्रेस और झामुमो के प्रतिनिधिमंडलों को भी मुख्यमंत्री के बजाय मुख्य सचिव को ज्ञापन देना पड़ रहा है। यह स्थिति शासन में संवाद की व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े करती है।

उन्होंने जेपीएससी-जेएस‌एससी कथित घोटाले का उल्लेख करते हुए मुख्य सचिव कार्यालय से जुड़े एक कर्मी की सीआईडी गिरफ्तारी की खबर पर पारदर्शिता की मांग की। उन्होंने कहा कि पूछताछ में सामने आए तथ्यों की जानकारी जनता को दी जानी चाहिए। महतो ने सरकार से लोकतांत्रिक संवाद, जवाबदेही और पारदर्शिता सुनिश्चित करने की मांग की।

← कृष्णं वन्दे जगद्गुरुम में गुरु-शिष्य परंपरा और मानवीय मूल्यों पर जोर श्रीकृष्ण का जीवन आस्था के साथ कर्म और जीवन-दर्शन की प्रेरणा : राज्यपाल →

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Related News

Opinion

View All →
रम
रमेश शर्मा
वरिष्ठ संपादक

भारत की विदेश नीति में एक नए युग की शुरुआत हो रही है।

पव
पवन वर्मा
राजनीतिक विश्लेषक

लोकतंत्र की जड़ें मज़बूत करने के लिए शिक्षा में सुधार जरूरी है।

नप
नेहा पाटिल
आर्थिक विशेषज्ञ

बजट से आम जनता को राहत मिलने की उम्मीद थी, पर महंगाई चुनौती बनी है।

अक
अरुण कुमार
पूर्व IAS अधिकारी

सरकारी तंत्र में पारदर्शिता लाने के लिए डिजिटल इंडिया की पहल कारगर है।