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श्रावण की सांस्कृतिक विरासत में रचे विद्यार्थियों के रंग, सुर और लोक परंपराएं

August 24, 2026 Khaberaajtak@gmail.com 1 min read

रांची: वाईबीएन विश्वविद्यालय के संगीत एवं प्रदर्शन कला विभाग और आईक्यूएसई के सहयोग से आयोजित दो दिवसीय राष्ट्रीय कार्यशाला का पहला दिन सोमवार को संपन्न हुआ। “श्रावण मास की सांस्कृतिक विरासत : साहित्य, कला एवं संगीत” विषय पर आयोजित कार्यशाला में विद्यार्थियों ने कला प्रतियोगिता और प्रदर्शनी में उत्साहपूर्वक भाग लिया। कार्यक्रम की शुरुआत दीप प्रज्ज्वलन, शिव वंदना और कथक नृत्य से हुई।

तकनीकी सत्र में मल्हार, कजरी, झूला और सावन गीतों पर शास्त्रीय गायन कार्यशाला आयोजित हुई। पद्मश्री मधु मंसूरी ने सावन और लोक संस्कृति पर व्याख्यान दिया। डॉ. मधुमंती, आचार्य हिसाथ मिश्रा, कुलपति डॉ. सत्यदेव पोद्दार समेत विशेषज्ञों ने लोक संगीत, साहित्य और सांस्कृतिक परंपराओं पर विचार रखे। कला प्रतियोगिता में सावन, वर्षा और भारतीय संस्कृति पर आधारित कलाकृतियां प्रस्तुत की गईं। दूसरे दिन ‘सावन महोत्सव—रंग, राग, रौनक’ में पारंपरिक खेल, नाटक, नृत्य और मेहंदी प्रतियोगिता होगी।

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