सेल की नई पहल, लीज नवीकरण प्रक्रिया हुई सरल, पारदर्शी और प्रभावी

बोकारो : स्टील अथॉरिटी ऑफ इंडिया लिमिटेड (सेल) ने अपनी भूमि संपत्तियों के बेहतर उपयोग और प्रभावी प्रबंधन के लिए भूखंडों के पट्टा (लीज) नवीनीकरण की नई व्यापक नीति लागू की है, जो 15 मई 2026 से प्रभावी हो गई है। यह नीति नवीनीकरण प्रक्रिया को पारदर्शी, सरल और सुव्यवस्थित बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है।
नई व्यवस्था के तहत केवल उन्हीं मौजूदा पट्टों का नवीनीकरण किया जाएगा जिनकी अवधि समाप्त हो चुकी है या जो नवीनीकरण के लिए देय हैं। भूमि को तीन श्रेणियों—वाणिज्यिक, सरकारी/गैर-वाणिज्यिक और सामाजिक/धार्मिक—में विभाजित किया गया है।


शुल्क संरचना में भी बड़ा बदलाव किया गया है। वाणिज्यिक श्रेणी के लिए 25%, सरकारी/गैर-वाणिज्यिक के लिए 10% और सामाजिक व धार्मिक संस्थाओं के लिए मात्र 1 रुपये का टोकन शुल्क निर्धारित किया गया है। साथ ही ग्राउंड रेंट और सेवा शुल्क में भी संशोधन करते हुए इन्हें नवीनीकरण शुल्क से जोड़ा गया है।
नई नीति में डिफॉल्टरों के लिए सख्त प्रावधान भी हैं। समय सीमा के भीतर नवीनीकरण नहीं कराने पर 12% वार्षिक दंडात्मक ब्याज लगेगा, जबकि एक वर्ष के भीतर नवीनीकरण कराने पर राहत दी जाएगी।
यह नीति बोकारो इस्पात संयंत्र क्षेत्र में भूमि प्रबंधन, कानूनी अनुपालन और शहरी विकास को नई दिशा देने वाली साबित होगी।

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