
रांची: भाजपा प्रदेश प्रवक्ता दीनदयाल बरनवाल ने 10 अक्टूबर को कांग्रेस द्वारा काला दिवस मनाने की घोषणा पर पलटवार करते हुए कहा कि लोकतंत्र की दुहाई देने से पहले कांग्रेस को 25 जून 1975 के आपातकाल का जवाब देना चाहिए। उन्होंने आरोप लगाया कि आपातकाल के दौरान लोकतांत्रिक अधिकारों का दमन हुआ और प्रेस पर सेंसरशिप लगाई गई।
दीनदयाल बरनवाल ने मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) का विरोध करने पर कांग्रेस को घेरा। उन्होंने कहा कि चुनाव हारने पर कांग्रेस चुनाव आयोग और मतदाता सूची पर सवाल उठाती है। उन्होंने झारखंड में जमीन, खनन और ट्रांसफर-पोस्टिंग से जुड़े कथित भ्रष्टाचार के मामलों पर कांग्रेस से श्वेतपत्र जारी करने की मांग की।
दीनदयाल बरनवाल ने राहुल गांधी पर राजनीतिक विरोध को हवा देने का आरोप लगाते हुए कहा कि कांग्रेस का काला दिवस अपने कथित काले कारनामों पर पश्चाताप दिवस होना चाहिए। उन्होंने आयोजन में सरकारी संसाधनों के संभावित दुरुपयोग पर भी सवाल उठाए।
