BREAKING NEWS
खान-खनिज संशोधन विधेयक के खिलाफ गिरिडीह में मोदी का पुतला दहनहोली से पहले जब्त शराब कांड का दूसरा आरोपी 6 माह बाद गिरफ्तारहजारी पंचायतआरटीआई में खुली आरओ खरीद की पोल, जांच की मांगमैथन सेंट्रल स्कूल में साइबर अपराध के प्रति जागरूकताJSSC-CGL रद्द होने पर भड़का आक्रोश, नौकरी बचाने सड़क पर उतरे कर्मचारीजीवन कौशल प्रशिक्षण के साथ युवाओं ने ली नशामुक्ति की शपथखान-खनिज संशोधन विधेयक के खिलाफ गिरिडीह में मोदी का पुतला दहनहोली से पहले जब्त शराब कांड का दूसरा आरोपी 6 माह बाद गिरफ्तारहजारी पंचायतआरटीआई में खुली आरओ खरीद की पोल, जांच की मांगमैथन सेंट्रल स्कूल में साइबर अपराध के प्रति जागरूकताJSSC-CGL रद्द होने पर भड़का आक्रोश, नौकरी बचाने सड़क पर उतरे कर्मचारीजीवन कौशल प्रशिक्षण के साथ युवाओं ने ली नशामुक्ति की शपथ
Uncategorized

कामरेड चारु मजूमदार का 54वां शहादत दिवस मनाया, संघर्ष जारी रखने का लिया संकल्प

July 28, 2026 Khaberaajtak@gmail.com 1 min read


सिंदरी : मनोहरटांड़ स्थित भाकपा माले कार्यालय में महान क्रांतिकारी, भाकपा माले के प्रथम महासचिव एवं नक्सलबाड़ी आंदोलन के जनक कामरेड चारु मजूमदार का 54वां शहादत दिवस श्रद्धा और संकल्प के साथ मनाया गया। इस अवसर पर पार्टी कार्यकर्ताओं ने उनके चित्र पर माल्यार्पण कर श्रद्धांजलि अर्पित की।


श्रद्धांजलि सभा को संबोधित करते हुए वक्ताओं ने कहा कि कामरेड चारु मजूमदार ने अपना पूरा जीवन गरीब किसानों, मजदूरों, आदिवासियों और शोषित-वंचित वर्गों के अधिकार व सम्मान की लड़ाई के लिए समर्पित कर दिया। वर्ष 1967 के नक्सलबाड़ी विद्रोह के माध्यम से उन्होंने सामंती शोषण और दमन के खिलाफ आवाज बुलंद की, जिसकी प्रासंगिकता आज भी बनी हुई है।


वक्ताओं ने कहा कि 28 जुलाई 1972 को पुलिस हिरासत में चारु मजूमदार की शहादत हुई, लेकिन उनके विचार आज भी अन्याय के खिलाफ संघर्ष करने की प्रेरणा देते हैं। वर्तमान समय में जल, जंगल और जमीन पर पूंजीपतियों के बढ़ते हस्तक्षेप, मजदूरों के शोषण और किसानों की बदहाली के दौर में उनके विचारों की आवश्यकता और बढ़ गई है।
सभा के अंत में उपस्थित लोगों ने शोषण मुक्त समाज के निर्माण और कामरेड चारु मजूमदार के अधूरे सपनों को पूरा करने के लिए संघर्ष जारी रखने का संकल्प लिया।
मौके पर सिंदरी नगर सचिव राजीव मुखर्जी, विमल रवानी, सहदेव सिंह, विनोद महतो, सुभाष हंसदा, गोपाल महतो, ओमप्रकाश राम, राजू बावड़ी, राजेश मुखर्जी, प्रेम बहादुर, धनंजय बावड़ी, लगन महतो, साजन सिंह, प्रदीप मल्लिक, परेश रवानी, तापस बावड़ी, राजेंद्र साव सहित कई कार्यकर्ता मौजूद थे।

← कसमार के वरिष्ठ समाजसेवी एवं राजनीतिज्ञ संजय कुमार चौबे का निधन, क्षेत्र में शोक की लहर भाकपा माले नेता राम प्रसाद राजवार के पिता बेंगू राजवार का निधन, क्षेत्र में शोक →

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Related News

Opinion

View All →
रम
रमेश शर्मा
वरिष्ठ संपादक

भारत की विदेश नीति में एक नए युग की शुरुआत हो रही है।

पव
पवन वर्मा
राजनीतिक विश्लेषक

लोकतंत्र की जड़ें मज़बूत करने के लिए शिक्षा में सुधार जरूरी है।

नप
नेहा पाटिल
आर्थिक विशेषज्ञ

बजट से आम जनता को राहत मिलने की उम्मीद थी, पर महंगाई चुनौती बनी है।

अक
अरुण कुमार
पूर्व IAS अधिकारी

सरकारी तंत्र में पारदर्शिता लाने के लिए डिजिटल इंडिया की पहल कारगर है।