
पुलिस बल की कमी दूर करने के लिए IRB, JAP और होमगार्ड के इस्तेमाल पर जोर
रांची (ख़बर आजतक) : राज्य में पुलिस बल की कमी और कमजोर होती पेट्रोलिंग व्यवस्था को लेकर अब आवाज तेज होने लगी है। ऑल इंडिया स्मॉल एंड मीडियम जर्नलिस्ट वेलफेयर एसोसिएशन के राष्ट्रीय महासचिव एवं सामाजिक कार्यकर्ता प्रीतम सिंह भाटिया ने मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन को महत्वपूर्ण सुझाव देते हुए कहा है कि IRB, JAP और होमगार्ड जैसी रिजर्व पुलिस फोर्स का उपयोग थानों और 112 पेट्रोलिंग वाहनों में किया जाना चाहिए।
राहुल मुर्मू के बयान का दिया हवाला:-
भाटिया ने झारखंड पुलिस एसोसिएशन के अध्यक्ष राहुल मुर्मू के उस बयान का समर्थन किया, जिसमें उन्होंने राज्य में लचर पुलिसिंग और पेट्रोलिंग के लिए बल की कमी को जिम्मेदार बताया था। मुर्मू ने सरकार से नई बहाली की मांग करते हुए पहले भी सुझाव दिया था कि रसूखदारों के बॉडीगार्ड हटाकर उन्हें थानों में तैनात किया जाए और 112 पेट्रोलिंग वाहनों को पर्याप्त बल व हथियार उपलब्ध कराए जाएं।

नई बहाली तक अंतरिम व्यवस्था की मांग:-
प्रीतम भाटिया ने कहा कि जब तक नई पुलिस बहाली नहीं हो जाती, तब तक रिजर्व पुलिस बल का उपयोग कर पुलिसिंग को मजबूत किया जा सकता है। उन्होंने यह भी कहा कि कैंपों में रिजर्व रखने के बजाय इन बलों को सीधे फील्ड में लगाया जाना चाहिए, ताकि आम जनता को बेहतर सुरक्षा मिल सके।
विपक्ष से भी पहल की अपील:-
इस मुद्दे को लेकर भाटिया ने नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी से भी पहल करने की अपील की है। उन्होंने सोशल मीडिया के माध्यम से सवाल उठाया कि इतने गंभीर मुद्दे पर विपक्ष की ओर से ठोस मांग या सुझाव क्यों नहीं आ रहे हैं।
मानसून सत्र में उठ सकता है मुद्दा:-
सूत्रों के अनुसार, राज्य में बढ़ते अपराध और पुलिस बल की कमी के मुद्दे को विधानसभा के आगामी मानसून सत्र में भी उठाए जाने की चर्चा है। हाल ही में जमशेदपुर में हुई एक घटना, जिसमें एक युवक को पेट्रोलिंग गाड़ी से उतारकर पीटा गया, ने कानून-व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं।
प्रशासनिक प्रयासों का भी जिक्र:-
भाटिया ने उदाहरण देते हुए कहा कि कुछ जिलों में पुलिस अधीक्षकों द्वारा बेहतर प्रयास किए जा रहे हैं, लेकिन राज्य स्तर पर ठोस नीति बनाकर ही हालात में व्यापक सुधार संभव है।
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