
रांची: नगर राजभाषा कार्यान्वयन समिति (उपक्रम), रांची की बैठक गुरुवार को सीएमपीडीआई में निदेशक (तकनीकी/सीआरडी) नृपेन्द्र नाथ की अध्यक्षता में आयोजित हुई। बैठक में रांची स्थित विभिन्न सार्वजनिक उपक्रमों के प्रतिनिधियों ने भाग लिया।
अध्यक्षीय संबोधन में नृपेन्द्र नाथ ने राजभाषा हिंदी को प्रशासनिक कार्यों की मुख्य भाषा बनाने पर बल देते हुए कहा कि हिंदी का प्रयोग केवल औपचारिकता तक सीमित नहीं रहना चाहिए, बल्कि इसे कार्यालयीन व्यवहार का स्वाभाविक माध्यम बनाया जाना चाहिए। उन्होंने तकनीकी सुविधाओं, द्विभाषी सॉफ्टवेयर और प्रशिक्षण कार्यक्रमों के अधिकतम उपयोग की आवश्यकता बताई। बैठक में राजभाषा कार्यान्वयन में उत्कृष्ट कार्य करने वाले संस्थानों को बधाई दी गई तथा सदस्य कार्यालयों से नराकास बैठकों में कार्यालय प्रमुखों की उपस्थिति सुनिश्चित करने का आग्रह किया गया। वर्तमान में नराकास (उपक्रम), रांची के 37 सार्वजनिक उपक्रम सदस्य हैं।
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