BREAKING NEWS
केंद्रीय कोयला राज्य मंत्री से मिले आजसू प्रमुख सुदेश महतोबीएयू में अत्याधुनिक प्लांट ब्रीडिंग मॉलेक्यूलर लैब शुरू, फसल अनुसंधान को मिलेगी नई गतिअशोक नगर हाई-प्रोफाइल चोरी का खुलासा, दो महिलाएं गिरफ्तारजलवायु परिवर्तन से निपटने के लिए विकास और पर्यावरण में संतुलन जरूरी: राज्यपालरांची विश्वविद्यालय में दीक्षांत तैयारी तेज, RTI व्यवस्था सुधारने के निर्देशवाईबीएन विश्वविद्यालय की परीक्षा समिति की बैठक में अहम प्रस्तावों को मंजूरीकेंद्रीय कोयला राज्य मंत्री से मिले आजसू प्रमुख सुदेश महतोबीएयू में अत्याधुनिक प्लांट ब्रीडिंग मॉलेक्यूलर लैब शुरू, फसल अनुसंधान को मिलेगी नई गतिअशोक नगर हाई-प्रोफाइल चोरी का खुलासा, दो महिलाएं गिरफ्तारजलवायु परिवर्तन से निपटने के लिए विकास और पर्यावरण में संतुलन जरूरी: राज्यपालरांची विश्वविद्यालय में दीक्षांत तैयारी तेज, RTI व्यवस्था सुधारने के निर्देशवाईबीएन विश्वविद्यालय की परीक्षा समिति की बैठक में अहम प्रस्तावों को मंजूरी
Uncategorized

मुख्यमंत्री ने 1,042 सहायक आचार्यों को बांटे नियुक्ति पत्र

June 29, 2026 Khaberaajtak@gmail.com 1 min read

रांची: मुख्यमंत्री हेमन्त सोरेन ने रविवार को टाना भगत इंडोर स्टेडियम, खेलगांव में आयोजित समारोह में 1,042 नव चयनित इंटर एवं स्नातक प्रशिक्षित सहायक आचार्यों को नियुक्ति पत्र वितरित किए। इस अवसर पर उन्होंने राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 के तहत कक्षा 6 से 12 तक के कंटीन्यूअस प्रोफेशनल डेवलपमेंट (सीपीडी) प्रशिक्षण कार्यक्रम का ऑनलाइन शुभारंभ भी किया।

मुख्यमंत्री ने कहा कि नव नियुक्त सहायक आचार्य राज्य की बौद्धिक संपदा हैं और उन पर गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के माध्यम से झारखंड के भविष्य को संवारने की बड़ी जिम्मेदारी है। उन्होंने शिक्षकों से दुर्गम क्षेत्रों में शिक्षा का मोर्चा संभालने तथा बच्चों के प्रति संवेदनशील और जिम्मेदार व्यवहार अपनाने का आह्वान किया। समारोह में वित्त मंत्री राधाकृष्ण किशोर, राज्यसभा सांसद महुआ माजी, मुख्य सचिव अविनाश कुमार समेत कई वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।

← भीषण गर्मी में एसी के इस्तेमाल को लेकर अग्निशमन विभाग की सलाह देव स्नान यात्रा सम्पन्न , 15 दिनों के एकांतवास पर जाएंगे प्रभु जगन्नाथ →

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Related News

Opinion

View All →
रम
रमेश शर्मा
वरिष्ठ संपादक

भारत की विदेश नीति में एक नए युग की शुरुआत हो रही है।

पव
पवन वर्मा
राजनीतिक विश्लेषक

लोकतंत्र की जड़ें मज़बूत करने के लिए शिक्षा में सुधार जरूरी है।

नप
नेहा पाटिल
आर्थिक विशेषज्ञ

बजट से आम जनता को राहत मिलने की उम्मीद थी, पर महंगाई चुनौती बनी है।

अक
अरुण कुमार
पूर्व IAS अधिकारी

सरकारी तंत्र में पारदर्शिता लाने के लिए डिजिटल इंडिया की पहल कारगर है।