BREAKING NEWS
खान-खनिज संशोधन विधेयक के खिलाफ गिरिडीह में मोदी का पुतला दहनहोली से पहले जब्त शराब कांड का दूसरा आरोपी 6 माह बाद गिरफ्तारहजारी पंचायतआरटीआई में खुली आरओ खरीद की पोल, जांच की मांगमैथन सेंट्रल स्कूल में साइबर अपराध के प्रति जागरूकताJSSC-CGL रद्द होने पर भड़का आक्रोश, नौकरी बचाने सड़क पर उतरे कर्मचारीजीवन कौशल प्रशिक्षण के साथ युवाओं ने ली नशामुक्ति की शपथखान-खनिज संशोधन विधेयक के खिलाफ गिरिडीह में मोदी का पुतला दहनहोली से पहले जब्त शराब कांड का दूसरा आरोपी 6 माह बाद गिरफ्तारहजारी पंचायतआरटीआई में खुली आरओ खरीद की पोल, जांच की मांगमैथन सेंट्रल स्कूल में साइबर अपराध के प्रति जागरूकताJSSC-CGL रद्द होने पर भड़का आक्रोश, नौकरी बचाने सड़क पर उतरे कर्मचारीजीवन कौशल प्रशिक्षण के साथ युवाओं ने ली नशामुक्ति की शपथ
Uncategorized

रांची विश्वविद्यालय की विसंगतियों और जेपीएससी परीक्षा की जांच की मांग

July 7, 2026 Khaberaajtak@gmail.com 1 min read

रांची: आरयू के सीनेट सदस्य रोहित कुमार दुबे ने राज्यपाल सह कुलाधिपति को ज्ञापन सौंपकर विश्वविद्यालय में व्याप्त प्रशासनिक अव्यवस्थाओं, शैक्षणिक विसंगतियों तथा जेपीएससी 14वीं सिविल सेवा प्रारंभिक परीक्षा में कथित अनियमितताओं की उच्चस्तरीय जांच की मांग की है।

ज्ञापन में पीजी कक्षाओं के केंद्रीकरण के निर्णय को वापस लेने, पिछले चार वर्षों से लंबित सीनेट बैठकों का नियमित आयोजन सुनिश्चित करने तथा पीएचडी प्रवेश परीक्षा-2026 की अधिसूचना शीघ्र जारी करने की मांग की गई है। साथ ही शोध कार्यों की गुणवत्ता सुनिश्चित करने के लिए टर्निटिन सॉफ्टवेयर उपलब्ध कराने और विश्वविद्यालय में ‘एक व्यक्ति, एक पद’ नीति लागू करने पर बल दिया गया है। रोहित दुबे ने जेपीएससी 14वीं प्रारंभिक परीक्षा के परिणाम रद्द कर सीबीआई अथवा किसी स्वतंत्र एजेंसी से जांच कराने की मांग भी उठाई। उन्होंने कहा कि शिक्षा व्यवस्था में पारदर्शिता और युवाओं के भविष्य की रक्षा के लिए वे संघर्ष जारी रखेंगे।

← सरला बिरला विश्वविद्यालय में रिकॉर्डतोड़ प्लेसमेंट, 415 से अधिक विद्यार्थियों को मिला रोजगार झारखंड का आम्रपाली आम पहुँचा दुबई, लूलू मॉल में मिली वैश्विक पहचान →

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Related News

Opinion

View All →
रम
रमेश शर्मा
वरिष्ठ संपादक

भारत की विदेश नीति में एक नए युग की शुरुआत हो रही है।

पव
पवन वर्मा
राजनीतिक विश्लेषक

लोकतंत्र की जड़ें मज़बूत करने के लिए शिक्षा में सुधार जरूरी है।

नप
नेहा पाटिल
आर्थिक विशेषज्ञ

बजट से आम जनता को राहत मिलने की उम्मीद थी, पर महंगाई चुनौती बनी है।

अक
अरुण कुमार
पूर्व IAS अधिकारी

सरकारी तंत्र में पारदर्शिता लाने के लिए डिजिटल इंडिया की पहल कारगर है।