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रॉयल्टी चालान और शिक्षा मुद्दे पर सियासत तेज, चैंबर ने नियम स्थगन तो कांग्रेस ने सुधार की उठाई मांग

July 25, 2026 Khaberaajtak@gmail.com 1 min read

रांची: झारखंड में रॉयल्टी चालान व्यवस्था और शिक्षा व्यवस्था से जुड़े मुद्दों पर सियासत तेज हो गई है। झारखंड चैंबर ने रॉयल्टी चालान प्रणाली में अस्पष्टता पर चिंता जताते हुए मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन से सरकारी संवेदकों के रनिंग अकाउंट बिलों के भुगतान हेतु रॉयल्टी चालान प्रस्तुत करने की अनिवार्यता को फिलहाल स्थगित रखने की मांग की है।

चैंबर का कहना है कि वर्तमान व्यवस्था के कारण सड़क, पुल, भवन, पेयजल और सिंचाई जैसी आधारभूत परियोजनाओं के भुगतान प्रभावित हो सकते हैं, जिससे विकास कार्यों की गति धीमी पड़ने की आशंका है। एफजेसीसीआई ने प्रक्रिया को स्पष्ट करने और सभी विभागों के लिए एक समान कार्यप्रणाली लागू करने की मांग भी उठाई है।वहीं, दूसरी ओर कांग्रेस ने शिक्षा व्यवस्था को लेकर केंद्र सरकार पर निशाना साधा है। प्रदेश कांग्रेस महासचिव बिनय सिन्हा दीपू ने केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे को छात्रों और युवाओं के आंदोलन की जीत बताया। उन्होंने कहा कि केवल इस्तीफा पर्याप्त नहीं है, बल्कि परीक्षा प्रणाली में पारदर्शिता और राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी में व्यापक सुधार जरूरी है। कांग्रेस ने पेपर लीक से प्रभावित छात्रों को न्याय दिलाने और भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने की मांग की है।

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