
बोकारो : स्वदेशी, आत्मनिर्भरता और राष्ट्र निर्माण के संकल्प के साथ बोकारो में आयोजित स्वदेशी जागरण मंच के जिला विचार वर्ग में देश, समाज और मानवता के भविष्य को लेकर गंभीर मंथन हुआ। कार्यक्रम में वक्ताओं ने स्पष्ट कहा कि भारत को परम वैभव तक पहुंचाने का मार्ग केवल स्वदेशी विचार, स्वावलंबन और प्रकृति आधारित विकास मॉडल से होकर गुजरता है। मुख्य वक्ता एवं स्वदेशी जागरण मंच के पूर्व राष्ट्रीय संयोजक अरुण कुमार ओझा ने कहा कि आज पूरी दुनिया भारत को आदर्श के रूप में देख रही है।
ऐसे समय में राष्ट्र को स्वदेशी के मार्ग पर आगे बढ़ाना और विश्व मानवता के कल्याण का चिंतन करना हम सभी का दायित्व है। उन्होंने कहा कि विचार वर्ग जैसे कार्यक्रमों का उद्देश्य केवल चर्चा नहीं, बल्कि राष्ट्रहित में ठोस दिशा तय करना और कार्यकर्ताओं को वैचारिक रूप से मजबूत बनाना है। राष्ट्रीय मेला प्रमुख सचिंद्र कुमार बरियार ने कहा कि संगठन की वास्तविक सफलता तब मानी जाएगी, जब अधिक से अधिक लोग स्वदेशी अभियान से जुड़ेंगे और ऊर्जा संरक्षण व आत्मनिर्भरता को जीवन का हिस्सा बनाएंगे। उन्होंने बताया कि मंच के कृषि प्रकोष्ठ के कार्यों से प्रभावित होकर वेदांता समूह ने इको पार्क निर्माण के लिए 40 एकड़ भूमि देने पर सहमति जताई है। वहीं झारखंड कृषि प्रकोष्ठ प्रमुख अंजनी सिन्हा ने अमृत कृषि पद्धति की सफलता का उल्लेख करते हुए बताया कि इस तकनीक से बंजर जमीन को भी उपजाऊ बनाया गया है। उन्होंने कहा कि इलेक्ट्रो स्टील वेदांता ने इस मॉडल से प्रभावित होकर 5 एकड़ से बढ़ाकर 101 एकड़ भूमि पर खेती शुरू कराई है। इस पद्धति से उपजे धान का मूल्य किसानों को इस बार 17 रुपये की जगह 40 रुपये प्रति किलो तक मिला, जिससे किसानों में उत्साह बढ़ा है। कार्यक्रम में अजय चौधरी, दीपक, अमरेंद्र कुमार सिंह, दिलीप वर्मा, प्रमोद कुमार सिंह, संजय कुमार, जयशंकर प्रसाद, ददन प्रसाद, विवेकानंद झा, शशांक शेखर, प्रेम प्रकाश, मनीष श्रीवास्तव, सुरेश सिंह, अवधेश कुमार सिंह सहित बड़ी संख्या में कार्यकर्ता मौजूद थे।




