BREAKING NEWS
आजसू पार्टी बोकारो जिला कार्यसमिति की बैठक संपन्नसीएमपीडीआई 100 युवाओं को देगा तकनीकी कौशल प्रशिक्षण, जेजीएमटीआरटीसी से हुआ समझौताचैंबर चुनाव की तैयारी पूरी, 13 सितंबर को होगा मतदानकागजी प्रक्रिया से डिजिटल व्यवस्था की ओर बढ़ा सीसीएलदुर्गापूजा के बाद रांची में शुरू होगा तीन नए फ्लाईओवर का निर्माणझारखंड के 26,777 गांवों तक पहुंचेगा हाई-स्पीड ब्रॉडबैंड, भारतनेट फेज-III को मिली रफ्तारआजसू पार्टी बोकारो जिला कार्यसमिति की बैठक संपन्नसीएमपीडीआई 100 युवाओं को देगा तकनीकी कौशल प्रशिक्षण, जेजीएमटीआरटीसी से हुआ समझौताचैंबर चुनाव की तैयारी पूरी, 13 सितंबर को होगा मतदानकागजी प्रक्रिया से डिजिटल व्यवस्था की ओर बढ़ा सीसीएलदुर्गापूजा के बाद रांची में शुरू होगा तीन नए फ्लाईओवर का निर्माणझारखंड के 26,777 गांवों तक पहुंचेगा हाई-स्पीड ब्रॉडबैंड, भारतनेट फेज-III को मिली रफ्तार
Uncategorized

बीएयू में अत्याधुनिक प्लांट ब्रीडिंग मॉलेक्यूलर लैब शुरू, फसल अनुसंधान को मिलेगी नई गति

July 24, 2026 Khaberaajtak@gmail.com 1 min read

रांची: बिरसा कृषि विश्वविद्यालय में अनुसंधान और आधुनिक फसल सुधार को बढ़ावा देने के लिए अत्याधुनिक प्लांट ब्रीडिंग मॉलेक्यूलर प्रयोगशाला की स्थापना की गई है। कुलपति डॉ. एस.सी. दुबे ने गुरुवार को प्रयोगशाला का उद्घाटन करते हुए कहा कि यह सुविधा पारंपरिक पादप प्रजनन और मॉलेक्यूलर विज्ञान के समन्वय से कृषि अनुसंधान में नए अवसर प्रदान करेगी तथा किसानों और समाज को लाभ पहुंचाएगी।

डीएनए निष्कर्षण, मार्कर-असिस्टेड चयन, जीनोटाइपिंग और मॉलेक्यूलर डायग्नोस्टिक्स जैसी तकनीकों से सुसज्जित यह प्रयोगशाला अधिक उपज, बेहतर पोषण गुणवत्ता और कीट-रोग प्रतिरोधी फसल किस्मों के विकास में सहायक होगी। विश्वविद्यालय के अनुसार, प्रयोगशाला में पीजी और पीएचडी छात्रों के शोध कार्य शुरू हो चुके हैं। आनुवंशिकी एवं पादप प्रजनन विभाग की अध्यक्ष डॉ. मणिगोपा चक्रवर्ती के मार्गदर्शन में संचालित यह केंद्र जलवायु-अनुकूल फसल प्रौद्योगिकियों के विकास, खाद्य सुरक्षा और टिकाऊ कृषि को बढ़ावा देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। उद्घाटन अवसर पर निदेशक अनुसंधान डॉ. पी.के. सिंह और कृषि संकाय के अधिष्ठाता डॉ. डी.के. शाही भी मौजूद थे।

← अशोक नगर हाई-प्रोफाइल चोरी का खुलासा, दो महिलाएं गिरफ्तार केंद्रीय कोयला राज्य मंत्री से मिले आजसू प्रमुख सुदेश महतो →

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Related News

Opinion

View All →
रम
रमेश शर्मा
वरिष्ठ संपादक

भारत की विदेश नीति में एक नए युग की शुरुआत हो रही है।

पव
पवन वर्मा
राजनीतिक विश्लेषक

लोकतंत्र की जड़ें मज़बूत करने के लिए शिक्षा में सुधार जरूरी है।

नप
नेहा पाटिल
आर्थिक विशेषज्ञ

बजट से आम जनता को राहत मिलने की उम्मीद थी, पर महंगाई चुनौती बनी है।

अक
अरुण कुमार
पूर्व IAS अधिकारी

सरकारी तंत्र में पारदर्शिता लाने के लिए डिजिटल इंडिया की पहल कारगर है।