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फ्रेंच-जर्मन से लेकर देववाणी संस्कृत तक, डीपीएस बोकारो के साहित्योत्सव में विद्यार्थियों ने दिखाई प्रतिभा

August 22, 2026 Khaberaajtak@gmail.com 2 min read

ग्लोबल सिटीजन बनने के लिए भाषाओं पर अच्छी पकड़ जरूरी : डॉ. गंगवार

बोकारो (ख़बर आजतक) : विद्यार्थियों में भाषा-साहित्य के प्रति रुझान और बौद्धिक स्तर को बढ़ावा देने के उद्देश्य से दिल्ली पब्लिक स्कूल (डीपीएस), बोकारो में आयोजित छह-दिवसीय साहित्योत्सव 2026 शनिवार को देववाणी संस्कृत साहित्य प्रतियोगिता के साथ संपन्न हो गया।

छह दिनों के इस ज्ञान-मंथन में विद्यालय के छात्र-छात्राओं ने विदेशी भाषाओं- फ्रेंच और जर्मन से लेकर वैश्विक भाषा अंग्रेजी, राष्ट्रभाषा हिंदी और सनातन चेतना की आधारशिला संस्कृत तक में अपनी असाधारण भाषाई पकड़, समृद्ध शब्दकोश, वाकपटुता और तार्किक चिंतन का लोहा मनवाया। उत्सव का शुभारंभ इंटर-हाउस फ्रेंच लिटरेरी कंपीटिशन से हुआ।

प्रसिद्ध फ्रांसीसी साहित्यकार विक्टर ह्यूगो की ओजपूर्ण कविताओं के पाठ और छह चक्रों की बौद्धिक क्विज़ के जरिए विद्यार्थियों ने फ्रांस के इतिहास और सभ्यता पर अपनी पकड़ दिखाई, जिसमें रावी सदन अव्वल रहा। सतलज की टीम द्वितीय और चेनाब हाउस की टीम तृतीय स्थान पर रही।

दूसरे दिन डेर डचेर कार्निवल 4.0 के तहत आयोजित जर्मन लिटरेरी कंपीटिशन में भारत-जर्मनी मैत्री की जीवंत छटा दिखी। भारत और जर्मनी के संगीत, नृत्य, फैशन शो के बाद दोनों देशों के भूगोल, अर्थव्यवस्था व साहित्य पर आधारित पांच राउंड की क्विज़ प्रतियोगिता हुई। इसमें जमुना पहले, तो चेनाब, रावी और झेलम हाउस की टीमें संयुक्त रूप से दूसरे स्थान पर रहीं।

तीसरे दिन अंग्रेजी इंटर-हाउस स्पेलिंग कंपीटिशन में विद्यार्थियों ने क्लिष्ट शब्दों की पहेलियों को चुटकियों में सुलझाकर अपनी शाब्दिक मेधा का परिचय दिया, जिसमें जमुना सदन प्रथम, सतलज द्वितीय तथा रावी हाउस तृतीय स्थान पर रहा। चौथे दिन इंग्लिश डिबेट में पारंपरिक शिक्षा-व्यवस्था को कौशल-आधारित शिक्षण से प्रतिस्थापित करने के विषय पर विद्यार्थियों ने अपनी वाकपटुता और तार्किक प्रखरता को दर्शाया। इसमें झेलम सदन की अनुष्का शर्मा प्रथम, इसी हाउस की कुमारी खुशी द्वितीय तथा चेनाब हाउस की रुचि ठाकुर तृतीय रही।

पांचवें दिन अंतर-सदन हिंदी वाद-विवाद प्रतियोगिता में 21वीं सदी के ज्वलंत विषय – क्रिप्टो करेंसी का बढ़ता चलन : भविष्य की मुद्रा या धोखा? पर ओजस्वी मंथन हुआ। पक्ष में जहां एक ओर विद्यार्थियों ने इसे 119 देशों की तकनीक-आधारित वित्तीय क्रांति बताया, वहीं दूसरी ओर विपक्ष के प्रतिभागियों ने इसे बिना नियंत्रण वाला चमकता हुआ डिजिटल छलावा और अस्थिर मुद्रा करार देकर जमकर अपने तर्क रखे। प्रभावशाली अभिव्यक्ति और तथ्यपरक प्रस्तुति के दम पर चेनाब सदन की शिप्रा हेंब्रम विजेता बनीं। दूसरे स्थान पर जमुना सदन की अनुष्का आर्या, तो तीसरे स्थान पर गंगा सदन की शांभवी झा रही। इस भाषाई कुंभ के अंतिम दिन शनिवार को आयोजित संस्कृत साहित्य प्रतियोगिता में विद्यार्थियों ने श्लोकोच्चारण और संस्कृत के व्यावहारिक ज्ञान का ऐसा उत्कृष्ट प्रदर्शन किया कि सभागार देववाणी की गूंज से पावन हो उठा। श्रीमद्भागवत गीता के 15वें अध्याय के सस्वर पाठ से इसकी शुरुआत हुई। इसके बाद व्याकरण, वैदिक मंत्रों आदि से संबंधित कूट प्रश्नोत्तरी में जमुना और चेनाब सदन ने संयुक्त रूप से प्रथम तथा गंगा सदन से तृतीय स्थान प्राप्त किया।

साहित्योत्सव के सफल आयोजन और विद्यार्थियों की प्रतिभा की सराहना करते हुए विद्यालय के प्राचार्य डॉ. ए. एस. गंगवार ने कहा कि भाषा और साहित्य मनुष्य के व्यक्तित्व को संपूर्णता प्रदान करते हैं। डीपीएस बोकारो विद्यार्थियों को केवल किताबी ज्ञान तक सीमित न रखकर उन्हें बहुभाषी और जिम्मेदार ग्लोबल सिटीजन बनाने के लिए कटिबद्ध है। इसके लिए भाषा-साहित्य पर मजबूत पकड़ जरूरी है। इससे आत्मविश्वास और एकाग्रता बढ़ती है। उन्होंने यह भी कहा कि जीवन में सफल होने के लिए केवल अच्छे अंक ही नहीं, बल्कि संवाद-कौशल, तार्किक दृष्टिकोण, नैतिक मूल्य और सद्चरित्र भी अनिवार्य हैं।

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