रानी हॉस्पिटल के विशेषज्ञों ने चुनौतीपूर्ण उपचार से बचाई शिशु की जान

रांची: रानी हॉस्पिटल में महज 730 ग्राम वजन के समयपूर्व जन्मे शिशु को जटिल उपचार के बाद नया जीवन मिला। गर्भावस्था के 28वें सप्ताह में जन्मे शिशु को भोजन नली और श्वसन नली से जुड़ी गंभीर जन्मजात विकृति थी। जन्म के दूसरे दिन पीडियाट्रिक सर्जन डॉ. मो. इमरान ने जीवनरक्षक सर्जरी की।

इसके बाद डॉ. राजेश कुमार, डॉ. किरण और डॉ. शुभा के नेतृत्व में विशेषज्ञों की टीम ने लगातार शिशु की निगरानी की। उपचार के दौरान करीब 60 दिनों तक श्वसन सहायता और 25 दिनों तक वेंटिलेटर सपोर्ट देना पड़ा। इसके बाद 35 दिनों तक नॉन-इनवेसिव वेंटिलेशन दिया गया।
लगातार 126 दिनों के उपचार के बाद शिशु का वजन बढ़कर लगभग 1.54 किलोग्राम हो गया। अब उसे अस्पताल से छुट्टी दी जा रही है। यह सफलता नवजात चिकित्सा में विशेषज्ञों के समन्वित प्रयास का उदाहरण है।
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