BREAKING NEWS
लोक निर्माण विभाग का कार्यभार संभालते ही विकास कार्यों में तेजी लाने का निर्देशसावित्रीबाई फुले किशोरी समृद्धि योजना में आ रही समस्याओं के समाधान की मांगजीजीएसटीसी में ISTE-BNY फैकल्टी डेवलपमेंट प्रोग्राम का तीसरा दिन संपन्नसासबेडा पश्चिमी पंचायत में ‘पंचायत समिति आपके द्वार’ शिविर, सैकड़ों श्रमिकों के बने लेबर कार्डमानव अधिकार मिशन बोकारो के पदाधिकारी राकेश चौबे के पिता का निधनझामुमो जिला बूथ सम्मेलन में उमड़ा जनसैलाब, संगठन मजबूती पर जोरलोक निर्माण विभाग का कार्यभार संभालते ही विकास कार्यों में तेजी लाने का निर्देशसावित्रीबाई फुले किशोरी समृद्धि योजना में आ रही समस्याओं के समाधान की मांगजीजीएसटीसी में ISTE-BNY फैकल्टी डेवलपमेंट प्रोग्राम का तीसरा दिन संपन्नसासबेडा पश्चिमी पंचायत में ‘पंचायत समिति आपके द्वार’ शिविर, सैकड़ों श्रमिकों के बने लेबर कार्डमानव अधिकार मिशन बोकारो के पदाधिकारी राकेश चौबे के पिता का निधनझामुमो जिला बूथ सम्मेलन में उमड़ा जनसैलाब, संगठन मजबूती पर जोर
Uncategorized

परिमल नाथवानी के नामांकन पर आपत्ति, बहस में शामिल नहीं हो सके सलमान खुर्शीद

June 10, 2026 Khaberaajtak@gmail.com 1 min read

रांची: निर्दलीय राज्यसभा उम्मीदवार परिमल नाथवानी के नामांकन पर आपत्ति की सुनवाई में भाग लेने के लिए कांग्रेस के वरिष्ठ नेता एवं सुप्रीम कोर्ट के वरिष्ठ अधिवक्ता सलमान खुर्शीद रांची पहुंचे, लेकिन निर्धारित समय से पहले विधानसभा पहुंचने के बावजूद बहस में शामिल नहीं हो सके।

सलमान खुर्शीद ने आरोप लगाया कि निर्वाचन पदाधिकारी ने बहस के लिए दोपहर 1 बजे तक का समय दिया था, लेकिन उनके पहुंचने से पहले ही कक्ष का दरवाजा बंद कर दिया गया, जिससे उन्हें अपनी बात रखने का अवसर नहीं मिला।

कांग्रेस की ओर से अधिवक्ता सुरेंद्र पाल सिंह ने दावा किया कि परिमल नाथवानी के नामांकन पत्र और शपथ पत्र में कई विसंगतियां थीं, जिन पर निर्वाचन पदाधिकारी के समक्ष आपत्ति दर्ज कराई गई थी। उन्होंने नामांकन स्वीकार किए जाने पर सवाल उठाते हुए कहा कि मामले की कानूनी समीक्षा की जा रही है।

कांग्रेस ने निर्वाचन प्रक्रिया में पारदर्शिता और सभी उम्मीदवारों के साथ समान व्यवहार सुनिश्चित करने की मांग की है।

← ‘समर एंड लक्स एडिट एसएस-26’ आज से, होटल कैपिटल हिल में फैशन और लाइफस्टाइल प्रदर्शनी सीसीएल पिपरवार में शिकायत निवारण शिविर, 38 मामलों की सुनवाई →

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Related News

Opinion

View All →
रम
रमेश शर्मा
वरिष्ठ संपादक

भारत की विदेश नीति में एक नए युग की शुरुआत हो रही है।

पव
पवन वर्मा
राजनीतिक विश्लेषक

लोकतंत्र की जड़ें मज़बूत करने के लिए शिक्षा में सुधार जरूरी है।

नप
नेहा पाटिल
आर्थिक विशेषज्ञ

बजट से आम जनता को राहत मिलने की उम्मीद थी, पर महंगाई चुनौती बनी है।

अक
अरुण कुमार
पूर्व IAS अधिकारी

सरकारी तंत्र में पारदर्शिता लाने के लिए डिजिटल इंडिया की पहल कारगर है।