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ISTE BNY नॉलेज इनहेंसमेंट प्रोग्राम 2026 का सफल आयोजन, विशेषज्ञों ने साझा किए तकनीकी अनुभव

June 9, 2026 Khaberaajtak@gmail.com 1 min read

बोकारो: इंडियन सोसाइटी फॉर टेक्निकल एजुकेशन (ISTE) नई दिल्ली द्वारा प्रायोजित ‘ISTE BNY नॉलेज इनहेंसमेंट प्रोग्राम 2026’ (फैकल्टी डेवलपमेंट प्रोग्राम) का ऑनलाइन आयोजन सफलतापूर्वक संपन्न हुआ। राष्ट्रीय स्तर के इस कार्यक्रम में देशभर के शिक्षाविदों, शोधकर्ताओं और तकनीकी विशेषज्ञों ने भाग लिया। कार्यक्रम के दौरान विभिन्न क्षेत्रों के विशेषज्ञों ने तकनीकी एवं औद्योगिक विषयों पर अपने अनुभव और शोध साझा किए।


कार्यक्रम के प्रथम सत्र में रेलवे बोर्ड के पूर्व सदस्य (इंजीनियरिंग) एवं पूर्व आईआरएसई अधिकारी इंजि. आर. आर. जारुहार ने ‘डेवलपमेंट ऑफ कंसेप्ट्स इन स्ट्रक्चरल इंजीनियरिंग डिज़ाइन एंड कंस्ट्रक्शन’ विषय पर व्याख्यान दिया। उन्होंने ब्रह्मपुत्र और गंडक नदी पर निर्मित पुलों का उदाहरण देते हुए बताया कि निर्माण कार्य शुरू होने से पहले डिज़ाइन संबंधी त्रुटियों को दूर करना अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने कहा कि सटीक डिजाइन और तकनीकी सावधानियों से पुलों एवं अन्य बुनियादी ढांचों की आयु और उपयोगिता में उल्लेखनीय वृद्धि की जा सकती है।
दूसरे सत्र में Padmashri Dr. V. B. Kolte College of Engineering के निदेशक ने ‘इंफ्रास्ट्रक्चर मैनेजमेंट एंड एनवायरनमेंटल इंजीनियरिंग में डिजास्टर रिस्क मैनेजमेंट सिस्टम’ विषय पर तकनीकी प्रस्तुति दी। वहीं अंतिम सत्र में जीजीएसईएसटीसी के सिविल इंजीनियरिंग विभागाध्यक्ष डॉ. आर. पी. वर्मा ने ‘ग्राउंड इम्प्रूवमेंट टेक्नीक यूजिंग वेस्ट मटेरियल’ विषय पर अपने शोध एवं निष्कर्ष प्रतिभागियों के साथ साझा किए।
कार्यक्रम के समापन अवसर पर संस्थान के निदेशक प्रो. (डॉ.) प्रियदर्शी जारुहार ने सभी संसाधन विशेषज्ञों का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि ऐसे राष्ट्रीय स्तर के कार्यक्रम शिक्षण गुणवत्ता में सुधार के साथ-साथ शोध एवं प्लेसमेंट संस्कृति को भी नई दिशा प्रदान करते हैं।
कार्यक्रम का संचालन प्रो. महमूद आलम, प्रो. रश्मि ठाकुर एवं प्रो. शहनाज़ फरहीन ने किया। इस दौरान डॉ. मनोजीत डे, प्रो. आलोक कुमार तथा सिस्टम एडमिन अनिल सिंह का भी महत्वपूर्ण योगदान रहा। कार्यक्रम की सफलता पर जीजीईएस के प्रेसिडेंट तरसेम सिंह एवं सेक्रेटरी सुरेंद्र पाल सिंह ने सभी आयोजकों और प्रतिभागियों को बधाई एवं शुभकामनाएं दीं।

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