
बोकारो (ख़बर आजतक) : कसमार अंचल कार्यालय में जमीन के म्यूटेशन को लेकर विवाद सामने आया है। मोचरो निवासी सुमित वर्धन जायसवाल ऒर सूरज साव ने आरोप लगाया है कि जमीन की खरीद-बिक्री में दलालों को कमीशन नहीं मिलने पर म्यूटेशन की प्रक्रिया में परेशानी खड़ी की जाती है। उन्होंने दावा किया कि फर्जी आवेदन के आधार पर उनके म्यूटेशन आवेदन को बिना निष्पक्ष जांच के रद्द कर दिया गया।

सुमित के अनुसार, मोचरो क्षेत्र के खाता नंबर 101/102 और प्लॉट नंबर 472/473 की कुल 74 डिसमिल जमीन पंडित राधाकांत जायसवाल के नाम थी। सुमित वर्धन जायसवाल और सूरज साव ने 10 जुलाई 2026 को उक्त जमीन की रजिस्ट्री कराई। उनका कहना है कि जमीन की पूरी राशि विक्रेता को भुगतान की जा चुकी है।

खरीदारों के मुताबिक, जमीन खरीदने से पहले उन्होंने हांगकांग में रह रही राधाकांत जायसवाल की मां से वीडियो कॉल पर बातचीत की थी। उनका दावा है कि उन्होंने राधाकांत जायसवाल को जमीन की खरीद-बिक्री के लिए उत्तराधिकारी बताया था।

सुमित और सूरज का आरोप है कि रजिस्ट्री के दो-तीन दिन बाद कसमार के एक व्यक्ति धनंजय ने जमीन के एवज में 10 लाख रुपए की मांग की। दोनों ने इस संबंध में कोर्ट में मामला दर्ज कराया, जो प्रक्रियाधीन है। उनका आरोप है कि इसके बाद राधाकांत जायसवाल को प्रभावित कर पेटरवार थाना में उनके खिलाफ आपराधिक मामला दर्ज कराया गया।
खरीदारों ने यह भी आरोप लगाया कि हांगकांग में रह रही राधाकांत की मां के नाम से कसमार अंचल कार्यालय में फर्जी ई-मेल भेजकर म्यूटेशन रद्द करने की मांग की गई। उनका कहना है कि ई-मेल और आवेदन की सत्यता की जांच किए बिना ही म्यूटेशन रद्द कर दिया गया।
सुमित वो सूरज ने बताया कि उन्होंने सीओ से म्यूटेशन रद्द होने का कारण पूछा। उनके अनुसार, सीओ ने आवेदन प्राप्त होने की बात कही और अपील में जाने की सलाह दी। खरीदारों ने पूरे मामले की निष्पक्ष जांच तथा म्यूटेशन से जुड़े दस्तावेज और ई-मेल की सत्यता की जांच कराने की मांग की है।
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