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कामरेड चारु मजूमदार का 54वां शहादत दिवस मनाया, संघर्ष जारी रखने का लिया संकल्प

July 28, 2026 Khaberaajtak@gmail.com 1 min read


सिंदरी : मनोहरटांड़ स्थित भाकपा माले कार्यालय में महान क्रांतिकारी, भाकपा माले के प्रथम महासचिव एवं नक्सलबाड़ी आंदोलन के जनक कामरेड चारु मजूमदार का 54वां शहादत दिवस श्रद्धा और संकल्प के साथ मनाया गया। इस अवसर पर पार्टी कार्यकर्ताओं ने उनके चित्र पर माल्यार्पण कर श्रद्धांजलि अर्पित की।


श्रद्धांजलि सभा को संबोधित करते हुए वक्ताओं ने कहा कि कामरेड चारु मजूमदार ने अपना पूरा जीवन गरीब किसानों, मजदूरों, आदिवासियों और शोषित-वंचित वर्गों के अधिकार व सम्मान की लड़ाई के लिए समर्पित कर दिया। वर्ष 1967 के नक्सलबाड़ी विद्रोह के माध्यम से उन्होंने सामंती शोषण और दमन के खिलाफ आवाज बुलंद की, जिसकी प्रासंगिकता आज भी बनी हुई है।


वक्ताओं ने कहा कि 28 जुलाई 1972 को पुलिस हिरासत में चारु मजूमदार की शहादत हुई, लेकिन उनके विचार आज भी अन्याय के खिलाफ संघर्ष करने की प्रेरणा देते हैं। वर्तमान समय में जल, जंगल और जमीन पर पूंजीपतियों के बढ़ते हस्तक्षेप, मजदूरों के शोषण और किसानों की बदहाली के दौर में उनके विचारों की आवश्यकता और बढ़ गई है।
सभा के अंत में उपस्थित लोगों ने शोषण मुक्त समाज के निर्माण और कामरेड चारु मजूमदार के अधूरे सपनों को पूरा करने के लिए संघर्ष जारी रखने का संकल्प लिया।
मौके पर सिंदरी नगर सचिव राजीव मुखर्जी, विमल रवानी, सहदेव सिंह, विनोद महतो, सुभाष हंसदा, गोपाल महतो, ओमप्रकाश राम, राजू बावड़ी, राजेश मुखर्जी, प्रेम बहादुर, धनंजय बावड़ी, लगन महतो, साजन सिंह, प्रदीप मल्लिक, परेश रवानी, तापस बावड़ी, राजेंद्र साव सहित कई कार्यकर्ता मौजूद थे।

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