
बोकारो। गुरु गोविंद सिंह एजुकेशनल सोसाइटी टेक्निकल कैंपस (GGSESTC), कांड्रा, चास में आयोजित ऑनलाइन ISTE-BNY फैकल्टी डेवलपमेंट प्रोग्राम (FDP) का तीसरा दिन सफलतापूर्वक संपन्न हुआ। कार्यक्रम में देश के विभिन्न प्रतिष्ठित संस्थानों के विशेषज्ञों ने तकनीकी एवं शोध संबंधी विषयों पर व्याख्यान दिए।
पहले सत्र में आईईएस मुंबई की डॉ. नेहा सरवटे ने जल प्रणालियों में प्रकृति-आधारित इंजीनियरिंग उपायों पर प्रकाश डालते हुए नदियों, झीलों और तटीय क्षेत्रों के सतत प्रबंधन की जानकारी दी। दूसरे सत्र में एनआईटी जमशेदपुर के डॉ. सोमनाथ मंडल ने जलवायु परिवर्तन से निपटने के लिए सतत भू-तकनीकी समाधानों और सर्कुलर डिजाइन की आवश्यकता पर जोर दिया।
अंतिम सत्र में कॉलेज ऑफ इंजीनियरिंग एंड टेक्नोलॉजी, अकोला के डॉ. मधुकर एस. पाटिल ने अपशिष्ट प्रबंधन, विभिन्न फिल्ट्रेशन एजेंटों तथा संतरे के छिलके के अर्क से हरित संश्लेषण द्वारा टिकाऊ नैनो-पार्टिकल्स के उत्पादन पर शोध संबंधी जानकारी साझा की।
संस्थान के निदेशक डॉ. प्रियदर्शी जरुहार ने कहा कि ऐसे कार्यक्रम विद्यार्थियों, शिक्षकों और शोधकर्ताओं के लिए ज्ञानवर्धक साबित हो रहे हैं। कार्यक्रम के सफल आयोजन में कई शिक्षकों और समन्वयकों की महत्वपूर्ण भूमिका रही।
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