
रंजन वर्मा | कसमार (बोकारो)
झारखंड आंदोलनकारी संजय कुमार महतो ने प्रेस विज्ञप्ति जारी कर राज्य सरकार से झारखंड आंदोलनकारियों को शीघ्र आंदोलनकारी प्रमाण-पत्र जारी करने तथा उन्हें सरकार द्वारा निर्धारित सभी सम्मान एवं सुविधाएं उपलब्ध कराने की मांग की है। उन्होंने कहा कि झारखंड आंदोलन में कसमार क्षेत्र से स्वर्गीय विनोद बिहारी महतो एवं बालीडीह के स्वर्गीय भोभोविल महतो जैसे आंदोलनकारी नेताओं से प्रेरित होकर उन्होंने सक्रिय भूमिका निभाई थी। अलग झारखंड राज्य की मांग को लेकर हुए विभिन्न आंदोलनों में उन्होंने भाग लिया तथा वर्ष 1994 में आंदोलन के दौरान गिरफ्तारी देकर जेल भी गए थे।

उन्होंने बताया कि झारखंड आंदोलन से जुड़े आवश्यक दस्तावेज एवं आवेदन वर्षों पहले सरकार को उपलब्ध करा दिए गए थे, लेकिन आज तक उन्हें आंदोलनकारी होने का प्रमाण-पत्र नहीं मिल सका है। इसके कारण सरकार द्वारा आंदोलनकारियों के लिए संचालित विभिन्न योजनाओं और सुविधाओं का लाभ भी उन्हें नहीं मिल पा रहा है।

संजय कुमार महतो ने कहा कि झारखंड राज्य गठन के 25 वर्ष पूरे होने के बावजूद बड़ी संख्या में वास्तविक आंदोलनकारियों को अब तक उनका उचित सम्मान और अधिकार नहीं मिला है। उन्होंने सरकार से इस दिशा में संवेदनशील पहल करने की अपील करते हुए कहा कि जिन लोगों ने अपने संघर्ष, त्याग और बलिदान से अलग झारखंड राज्य के निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई, उन्हें उपेक्षित रखना दुर्भाग्यपूर्ण है।
संजय कुमार महतो, झारखंड आंदोलनकारी ने कहा कि
“हमने अलग झारखंड राज्य के निर्माण के लिए वर्षों तक संघर्ष किया, आंदोलन में भाग लिया, गिरफ्तारी दी और जेल भी गए। सरकार के निर्देशानुसार सभी आवश्यक दस्तावेज समय पर जमा किए, लेकिन आज तक आंदोलनकारी प्रमाण-पत्र नहीं मिल पाया। यह केवल मेरे साथ ही नहीं, बल्कि कई वास्तविक आंदोलनकारियों के साथ हो रहा है। झारखंड राज्य हमारे जैसे हजारों आंदोलनकारियों के त्याग और बलिदान का परिणाम है, इसलिए सरकार को चाहिए कि सभी लंबित आवेदनों का शीघ्र निष्पादन कर वास्तविक आंदोलनकारियों को प्रमाण-पत्र, सम्मान और सरकार द्वारा निर्धारित सभी सुविधाएं उपलब्ध कराए। यही आंदोलनकारियों के संघर्ष का सच्चा सम्मान होगा।”

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