BREAKING NEWS
खान-खनिज संशोधन विधेयक के खिलाफ गिरिडीह में मोदी का पुतला दहनहोली से पहले जब्त शराब कांड का दूसरा आरोपी 6 माह बाद गिरफ्तारहजारी पंचायतआरटीआई में खुली आरओ खरीद की पोल, जांच की मांगमैथन सेंट्रल स्कूल में साइबर अपराध के प्रति जागरूकताJSSC-CGL रद्द होने पर भड़का आक्रोश, नौकरी बचाने सड़क पर उतरे कर्मचारीजीवन कौशल प्रशिक्षण के साथ युवाओं ने ली नशामुक्ति की शपथखान-खनिज संशोधन विधेयक के खिलाफ गिरिडीह में मोदी का पुतला दहनहोली से पहले जब्त शराब कांड का दूसरा आरोपी 6 माह बाद गिरफ्तारहजारी पंचायतआरटीआई में खुली आरओ खरीद की पोल, जांच की मांगमैथन सेंट्रल स्कूल में साइबर अपराध के प्रति जागरूकताJSSC-CGL रद्द होने पर भड़का आक्रोश, नौकरी बचाने सड़क पर उतरे कर्मचारीजीवन कौशल प्रशिक्षण के साथ युवाओं ने ली नशामुक्ति की शपथ
Uncategorized

दिल्ली में नेशनल स्टेकहोल्डर्स कंसल्टेशन का शुभारंभ, आईटी और एआई पर झारखंड का विज़न 2050 केंद्र में

July 8, 2026 Khaberaajtak@gmail.com 1 min read

नई दिल्ली: मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने दो दिवसीय नेशनल स्टेकहोल्डर्स कंसल्टेशन का शुभारंभ करते हुए कहा कि झारखंड की पहचान केवल खनिज संपदा (माइंस) से नहीं, बल्कि प्रतिभा और नवाचार (माइंड्स) से भी होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि राज्य को अनुसंधान, तकनीक और ज्ञान आधारित अर्थव्यवस्था की दिशा में आगे बढ़ाते हुए समावेशी एवं सतत विकास सुनिश्चित किया जाएगा।

कार्यक्रम में माइक्रोसॉफ्ट, गूगल, आईबीएम सहित कई तकनीकी कंपनियों और विशेषज्ञों ने आईटी, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, डिजिटल गवर्नेंस और निवेश की संभावनाओं पर सुझाव दिए। इस दौरान झारखंड एआई, निवेश प्रोत्साहन, पर्यटन, टेक्सटाइल और पीपीपी नीति के कॉन्सेप्ट पेपर भी हितधारकों के समक्ष प्रस्तुत किए गए। सम्मेलन में विभिन्न विभागों के मंत्रियों, मुख्य सचिव अविनाश कुमार, विकास आयुक्त अजय कुमार सिंह तथा उद्योग एवं आईटी क्षेत्र के प्रतिनिधियों ने भाग लिया।

← बुकरू में भाजपा की संगठनात्मक बैठक, जनसेवा और बूथ सशक्तीकरण पर जोर आठ जोनल रैंक- 1 के साथ एसओएफ ओलंपियाडों में डीपीएस बोकारो के 16 विद्यार्थियों का उत्कृष्ट प्रदर्शन →

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Related News

Opinion

View All →
रम
रमेश शर्मा
वरिष्ठ संपादक

भारत की विदेश नीति में एक नए युग की शुरुआत हो रही है।

पव
पवन वर्मा
राजनीतिक विश्लेषक

लोकतंत्र की जड़ें मज़बूत करने के लिए शिक्षा में सुधार जरूरी है।

नप
नेहा पाटिल
आर्थिक विशेषज्ञ

बजट से आम जनता को राहत मिलने की उम्मीद थी, पर महंगाई चुनौती बनी है।

अक
अरुण कुमार
पूर्व IAS अधिकारी

सरकारी तंत्र में पारदर्शिता लाने के लिए डिजिटल इंडिया की पहल कारगर है।