
रांची: बिरसा कृषि विश्वविद्यालय में अनुसंधान और आधुनिक फसल सुधार को बढ़ावा देने के लिए अत्याधुनिक प्लांट ब्रीडिंग मॉलेक्यूलर प्रयोगशाला की स्थापना की गई है। कुलपति डॉ. एस.सी. दुबे ने गुरुवार को प्रयोगशाला का उद्घाटन करते हुए कहा कि यह सुविधा पारंपरिक पादप प्रजनन और मॉलेक्यूलर विज्ञान के समन्वय से कृषि अनुसंधान में नए अवसर प्रदान करेगी तथा किसानों और समाज को लाभ पहुंचाएगी।
डीएनए निष्कर्षण, मार्कर-असिस्टेड चयन, जीनोटाइपिंग और मॉलेक्यूलर डायग्नोस्टिक्स जैसी तकनीकों से सुसज्जित यह प्रयोगशाला अधिक उपज, बेहतर पोषण गुणवत्ता और कीट-रोग प्रतिरोधी फसल किस्मों के विकास में सहायक होगी। विश्वविद्यालय के अनुसार, प्रयोगशाला में पीजी और पीएचडी छात्रों के शोध कार्य शुरू हो चुके हैं। आनुवंशिकी एवं पादप प्रजनन विभाग की अध्यक्ष डॉ. मणिगोपा चक्रवर्ती के मार्गदर्शन में संचालित यह केंद्र जलवायु-अनुकूल फसल प्रौद्योगिकियों के विकास, खाद्य सुरक्षा और टिकाऊ कृषि को बढ़ावा देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। उद्घाटन अवसर पर निदेशक अनुसंधान डॉ. पी.के. सिंह और कृषि संकाय के अधिष्ठाता डॉ. डी.के. शाही भी मौजूद थे।
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