BREAKING NEWS
15 दिनों में स्वास्थ्य सेवाओं में सुधार दिखे, नहीं तो होगी कार्रवाई: इरफान अंसारी23 जून को बलिदान दिवस और 25 जून को काला दिवस मनाएगी भाजपाअजय साह हिंदी सलाहकार समिति के सदस्य नामितराहुल गांधी के जन्मदिन पर वाराणसी में अनोखा आयोजन, परशुराम स्वरूप वाले पोस्टर का किया दुग्धाभिषेकस्वच्छता पखवाड़ा के तहत प्लास्टिक अपशिष्ट न्यूनीकरण पर वेबिनार आयोजितराजद के आरोप राजनीति से प्रेरित, के. राजू की ईमानदारी पर सवाल नहीं उठ सकता : कांग्रेस15 दिनों में स्वास्थ्य सेवाओं में सुधार दिखे, नहीं तो होगी कार्रवाई: इरफान अंसारी23 जून को बलिदान दिवस और 25 जून को काला दिवस मनाएगी भाजपाअजय साह हिंदी सलाहकार समिति के सदस्य नामितराहुल गांधी के जन्मदिन पर वाराणसी में अनोखा आयोजन, परशुराम स्वरूप वाले पोस्टर का किया दुग्धाभिषेकस्वच्छता पखवाड़ा के तहत प्लास्टिक अपशिष्ट न्यूनीकरण पर वेबिनार आयोजितराजद के आरोप राजनीति से प्रेरित, के. राजू की ईमानदारी पर सवाल नहीं उठ सकता : कांग्रेस
Uncategorized

राजद ने के. राजू के बयान को बताया बेबुनियाद

June 19, 2026 Khaberaajtak@gmail.com 1 min read

रांची: राजद के राष्ट्रीय महासचिव भोला प्रसाद यादव ने कांग्रेस प्रभारी के. राजू के बयान की निंदा करते हुए कहा कि राज्यसभा चुनाव में राजद के सभी विधायकों ने महागठबंधन प्रत्याशी प्रणव झा के पक्ष में मतदान किया। उन्होंने कहा कि राजद ने हमेशा गठबंधन धर्म का पालन किया है और के. राजू को आरोप लगाने से पहले आत्ममंथन करना चाहिए।

राजद प्रदेश कार्यालय में आयोजित प्रेस वार्ता में प्रदेश अध्यक्ष संजय सिंह यादव, मंत्री संजय प्रसाद यादव, विधायक सुरेश पासवान और नरेश सिंह ने भी के. राजू के आरोपों को निराधार बताते हुए कांग्रेस से अपने भीतर समीक्षा करने की सलाह दी। नेताओं ने कहा कि राजद महागठबंधन के साथ मजबूती से खड़ा है।

← शारदा ग्लोबल स्कूल में नशामुक्ति व सड़क सुरक्षा पर जागरूकता कार्यक्रम सरला बिरला पब्लिक स्कूल में इन्वेस्टिचर सेरेमनी आयोजित →

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Related News

Opinion

View All →
रम
रमेश शर्मा
वरिष्ठ संपादक

भारत की विदेश नीति में एक नए युग की शुरुआत हो रही है।

पव
पवन वर्मा
राजनीतिक विश्लेषक

लोकतंत्र की जड़ें मज़बूत करने के लिए शिक्षा में सुधार जरूरी है।

नप
नेहा पाटिल
आर्थिक विशेषज्ञ

बजट से आम जनता को राहत मिलने की उम्मीद थी, पर महंगाई चुनौती बनी है।

अक
अरुण कुमार
पूर्व IAS अधिकारी

सरकारी तंत्र में पारदर्शिता लाने के लिए डिजिटल इंडिया की पहल कारगर है।