BREAKING NEWS
अलंकरण समारोह के साथ डीपीएस बोकारो में नए छात्र परिषद सदस्यों ने संभाली कमानजेपीएससी अध्यक्ष एलबी ख्यांग्ते का इस्तीफा मंजूर, जल्द जारी होगी अधिसूचना14वीं जेपीएससी मुख्य परीक्षा स्थगित, भाजपा ने बताया युवाओं के संघर्ष की जीतशादी का डिजिटल कार्ड बना साइबर ठगी का जाल, APK फाइल डाउनलोड करते ही 3.58 लाख रुपये उड़ाएजमशेदपुर के केनरा बैंक में 1.10 करोड़ के गबन का मामला, पांच बैंककर्मियों पर एफआईआरनेत्रदान जागरूकता अभियान में महापौर-उपमहापौर ने लिया संकल्प, 53 वार्डों में चलेंगे जागरूकता शिविरअलंकरण समारोह के साथ डीपीएस बोकारो में नए छात्र परिषद सदस्यों ने संभाली कमानजेपीएससी अध्यक्ष एलबी ख्यांग्ते का इस्तीफा मंजूर, जल्द जारी होगी अधिसूचना14वीं जेपीएससी मुख्य परीक्षा स्थगित, भाजपा ने बताया युवाओं के संघर्ष की जीतशादी का डिजिटल कार्ड बना साइबर ठगी का जाल, APK फाइल डाउनलोड करते ही 3.58 लाख रुपये उड़ाएजमशेदपुर के केनरा बैंक में 1.10 करोड़ के गबन का मामला, पांच बैंककर्मियों पर एफआईआरनेत्रदान जागरूकता अभियान में महापौर-उपमहापौर ने लिया संकल्प, 53 वार्डों में चलेंगे जागरूकता शिविर
Uncategorized

स्वर्णरेखा बचाने को श्रमदान अभियान शुरू, एक ट्रैक्टर कचरा निकाला गया

June 14, 2026 Khaberaajtak@gmail.com 1 min read

रांची: स्वर्णरेखा नदी के संरक्षण और स्वच्छता को लेकर रविवार को चुटिया स्थित इक्कीसी महादेव मंदिर परिसर से संदेशात्मक श्रमदान अभियान की शुरुआत की गई। स्वर्णरेखा जीर्णोद्धार समिति और वार्ड 13 के पार्षद पवन तिर्की के नेतृत्व में आयोजित अभियान में विभिन्न सामाजिक संगठनों और स्थानीय लोगों ने भाग लिया। श्रमदान के दौरान नदी से एक ट्रैक्टर कचरा निकाला गया।

समिति के अध्यक्ष माखन पाठक ने कहा कि हरमू नदी के माध्यम से प्रतिदिन लगभग 45 एमएलडी दूषित जल स्वर्णरेखा में मिल रहा है। उन्होंने नगर निगम से सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट (एसटीपी) शुरू करने की मांग करते हुए चेतावनी दी कि समय रहते कदम नहीं उठाए गए तो स्वर्णरेखा भी नाले का रूप ले सकती है। पार्षद पवन तिर्की ने कहा कि नदी को स्वच्छ और अविरल बनाए रखना समाज की सामूहिक जिम्मेदारी है। उन्होंने बताया कि स्वर्णरेखा की सफाई के लिए प्रत्येक रविवार को श्रमदान अभियान चलाया जाएगा।

← झारखंड राज्य जूनियर शतरंज चैंपियनशिप में खिलाड़ियों ने जीती ट्रॉफी रांची-टाटा मार्ग के सुदृढ़ीकरण को ₹214.79 करोड़ की मंजूरी, 18 जून को भूमिपूजन →

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Related News

Opinion

View All →
रम
रमेश शर्मा
वरिष्ठ संपादक

भारत की विदेश नीति में एक नए युग की शुरुआत हो रही है।

पव
पवन वर्मा
राजनीतिक विश्लेषक

लोकतंत्र की जड़ें मज़बूत करने के लिए शिक्षा में सुधार जरूरी है।

नप
नेहा पाटिल
आर्थिक विशेषज्ञ

बजट से आम जनता को राहत मिलने की उम्मीद थी, पर महंगाई चुनौती बनी है।

अक
अरुण कुमार
पूर्व IAS अधिकारी

सरकारी तंत्र में पारदर्शिता लाने के लिए डिजिटल इंडिया की पहल कारगर है।