BREAKING NEWS
आजसू पार्टी बोकारो जिला कार्यसमिति की बैठक संपन्नसीएमपीडीआई 100 युवाओं को देगा तकनीकी कौशल प्रशिक्षण, जेजीएमटीआरटीसी से हुआ समझौताचैंबर चुनाव की तैयारी पूरी, 13 सितंबर को होगा मतदानकागजी प्रक्रिया से डिजिटल व्यवस्था की ओर बढ़ा सीसीएलदुर्गापूजा के बाद रांची में शुरू होगा तीन नए फ्लाईओवर का निर्माणझारखंड के 26,777 गांवों तक पहुंचेगा हाई-स्पीड ब्रॉडबैंड, भारतनेट फेज-III को मिली रफ्तारआजसू पार्टी बोकारो जिला कार्यसमिति की बैठक संपन्नसीएमपीडीआई 100 युवाओं को देगा तकनीकी कौशल प्रशिक्षण, जेजीएमटीआरटीसी से हुआ समझौताचैंबर चुनाव की तैयारी पूरी, 13 सितंबर को होगा मतदानकागजी प्रक्रिया से डिजिटल व्यवस्था की ओर बढ़ा सीसीएलदुर्गापूजा के बाद रांची में शुरू होगा तीन नए फ्लाईओवर का निर्माणझारखंड के 26,777 गांवों तक पहुंचेगा हाई-स्पीड ब्रॉडबैंड, भारतनेट फेज-III को मिली रफ्तार
Uncategorized

अच्छे बीज से 75% तक बढ़ सकता है उत्पादन: डॉ. पूनम जसरोटिया

July 29, 2026 Khaberaajtak@gmail.com 1 min read

रांची: भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद (आईसीएआर) की सहायक महानिदेशक (पौधा संरक्षण एवं जैव सुरक्षा) डॉ. पूनम जसरोटिया ने कहा कि आधुनिक कृषि प्रबंधन तकनीकों के साथ गुणवत्तायुक्त बीज के उपयोग से फसल उत्पादन में 75 प्रतिशत तक वृद्धि संभव है। वह बिरसा कृषि विश्वविद्यालय में आयोजित 23वीं बीज परिषद की बैठक को संबोधित कर रही थीं। उन्होंने बताया कि वर्ष 2025-26 में देश में 376 मिलियन टन खाद्यान्न उत्पादन हुआ, जिसमें उन्नत बीजों की महत्वपूर्ण भूमिका रही।

बीएयू के कुलपति डॉ. एस.सी. दुबे ने किसानों को समय पर गुणवत्तायुक्त बीज उपलब्ध कराने और राज्य बीज नीति के प्रभावी क्रियान्वयन पर जोर दिया। निदेशक (बीज एवं प्रक्षेत्र) डॉ. शम्भूनाथ कर्माकर ने बताया कि विश्वविद्यालय ने वर्ष 2025-26 में 5700 क्विंटल गुणवत्तायुक्त बीज का उत्पादन किया, जबकि वर्ष 2026-27 के लिए 5265 क्विंटल उत्पादन का लक्ष्य रखा गया है। बैठक में नवोन्मेषी कृषि कार्यों के लिए चार प्रगतिशील किसानों को सम्मानित भी किया गया।

← सीसीएल में राजभाषा कार्यान्वयन समिति की तिमाही बैठक, उत्कृष्ट विभाग व क्षेत्र सम्मानित भर्ती परीक्षा गड़बड़ी पर भाजपा का दिल्ली में प्रदर्शन, सीबीआई जांच की मांग →

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Related News

Opinion

View All →
रम
रमेश शर्मा
वरिष्ठ संपादक

भारत की विदेश नीति में एक नए युग की शुरुआत हो रही है।

पव
पवन वर्मा
राजनीतिक विश्लेषक

लोकतंत्र की जड़ें मज़बूत करने के लिए शिक्षा में सुधार जरूरी है।

नप
नेहा पाटिल
आर्थिक विशेषज्ञ

बजट से आम जनता को राहत मिलने की उम्मीद थी, पर महंगाई चुनौती बनी है।

अक
अरुण कुमार
पूर्व IAS अधिकारी

सरकारी तंत्र में पारदर्शिता लाने के लिए डिजिटल इंडिया की पहल कारगर है।