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आदिवासी महाजुटान रैली को लेकर झारखंड में सियासी विवाद तेज, संगठनों ने जताई आपत्ति

August 30, 2026 Khaberaajtak@gmail.com 1 min read

रांची: प्रस्तावित आदिवासी एकता महाजुटान रैली को लेकर झारखंड में सियासी विवाद तेज हो गया है। विभिन्न आदिवासी संगठनों ने संयुक्त प्रेस बयान जारी कर आरोप लगाया कि रैली का स्वरूप बदलकर इसे कांग्रेस गठबंधन सरकार की राजनीतिक रैली में तब्दील कर दिया गया है।

केंद्रीय सरना समिति समेत संगठनों ने दावा किया कि शुरुआत में रैली को आदिवासी एकता महाजुटान के रूप में प्रचारित किया गया, लेकिन बाद में चर्च की कथित भागीदारी को लेकर विरोध के बीच इसका स्वरूप बदल गया। संगठनों ने पूर्व मंत्री बंधु तिर्की पर भी चर्च के प्रभाव में आदिवासी नेतृत्व को प्रभावित करने का आरोप लगाया।

उन्होंने स्पष्ट कहा कि ईसाई या मसीही संगठनों को अपने नाम से आंदोलन करने का अधिकार है, लेकिन आदिवासियों के नाम पर किसी आंदोलन का नेतृत्व किए जाने का विरोध किया जाएगा। संगठनों ने आदिवासी समाज से ऐसे प्रयासों को लेकर सतर्क रहने की अपील की।

संयुक्त बयान में मुख्य पाहन जगलाल पाहन, केंद्रीय सरना समिति के अध्यक्ष बबलू मुंडा, प्रधान महासचिव अशोक मुंडा, जनजाति सुरक्षा मंच के संदीप उरांव, मेघा उरांव, सोमा उरांव और सन्नी टोप्पो शामिल रहे।

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