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जेएमबीएल सेस पर केंद्र के प्रस्तावित संशोधन का विरोध : दीपिका पांडेय सिंह

August 14, 2026 Khaberaajtak@gmail.com 1 min read

रांची: ग्रामीण विकास, ग्रामीण कार्य एवं पंचायती राज मंत्री दीपिका पांडेय सिंह ने खनिज वहन भूमि उपकर (JMBL Cess) और प्रस्तावित एम‌एमडीआर संशोधन विधेयक 2026 को झारखंड के आर्थिक हितों के खिलाफ बताया है। उन्होंने कहा कि संशोधन से खनिज संपदा वाले राज्यों के कर, उपकर और अन्य लेवी लगाने के अधिकार सीमित होंगे, जिससे राज्यों की वित्तीय क्षमता प्रभावित होगी। मंत्री ने कहा कि जुलाई 2024 में सुप्रीम कोर्ट की नौ सदस्यीय संविधान पीठ के फैसले के बाद झारखंड विधानसभा ने झारखंड मिनरल बेयरिंग लैंड सेस अधिनियम, 2024 पारित किया था। उन्होंने कहा कि खनन से विस्थापन, पर्यावरण क्षति, प्रदूषण और सामाजिक चुनौतियां बढ़ती हैं, इसलिए सेस की राशि खनन प्रभावित क्षेत्रों के विकास में लगाई जा रही है। मंत्री के अनुसार जेएमबीएल सेस से 2024-25 में ₹1,379 करोड़ और 2025-26 में ₹7,488 करोड़ प्राप्त हुए। उन्होंने कहा कि गठबंधन सरकार संशोधन का हर स्तर पर विरोध करेगी।

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