
तेनुघाट (ख़बर आजतक) : माननीय सर्वोच्च न्यायालय, झारखंड उच्च न्यायालय एवं प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश, बोकारो के निर्देशानुसार रविवार को तेनुघाट जेल में जेल अदालत-सह-कानूनी जागरूकता शिविर का आयोजन किया गया।
शिविर के दौरान बंदियों को संबोधित करते हुए प्रथम श्रेणी न्यायिक दंडाधिकारी राजकुमार पांडेय ने बताया कि जो बंदी अधिवक्ता रख पाने में सक्षम नहीं हैं, उन्हें जेल में आवेदन देने के बाद निःशुल्क अधिवक्ता मुहैया कराया जाता है। जेल में बंदियों को कई प्रकार की सुविधाएं दी जाती हैं। उन्होंने बताया कि आज जेल अदालत के साथ-साथ मेडिकल कैंप भी लगाया गया, जिसमें चिकित्सकों द्वारा बंदियों की जांच की गई।
वहीं प्रथम श्रेणी न्यायिक दंडाधिकारी दिग्विजय नाथ शुक्ला ने बंदियों को चेक बाउंस के बारे में जानकारी देते हुए बताया कि आप किसी से रुपया उधार लेते हैं और उन्हें चेक में सिर्फ हस्ताक्षर कर दे देते हैं, उसमें रकम नहीं भरते हैं, तो चेक लेने वाले अपने अनुसार रकम भर लेते हैं और आपको उसकी भरपाई करनी पड़ती है। इसलिए जब भी चेक दें तो उसमें जितनी राशि ली है, वह भरकर देना ही सुरक्षित रहता है। उन्होंने चेक बाउंस से संबंधित अन्य कई जानकारियां भी दीं।
पैनल अधिवक्ता विनोद कुमार गुप्ता ने बंदियों को दहेज उत्पीड़न के बारे में जानकारी देते हुए बताया कि दहेज लेना एवं देना दोनों अपराध है, इसलिए हमें इस अपराध से बचना चाहिए।
स्वागत भाषण जेलर सूरज मोदी ने किया, जबकि धन्यवाद ज्ञापन इश्तियाक अंसारी ने किया। मंच संचालन अधिवक्ता सुभाष कटरियार ने किया। बंदियों ने भी अपनी समस्याएं बताईं, जिसके निराकरण के लिए न्यायिक दंडाधिकारी राजकुमार पांडेय एवं दिग्विजय नाथ शुक्ला ने आश्वासन दिया।
इस अवसर पर डॉ. आनंद, आशीष कुमार, विजय कुमार, मदन प्रजापति सहित जेल के कर्मी मौजूद थे।
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