BREAKING NEWS
पीवीयूएनएल की जीईएम-2026 कार्यशाला का समापन, दिव्यानी लिंडा को ₹2.40 लाख की प्रायोजन राशिपेसा नियमावली पर फैली भ्रांतियां दूर करने की मांग, ग्राम प्रधानों ने मंत्री से की मुलाकातसीएमपीडीआई सीएमडी से कर्मचारियों की समस्याओं पर हुई चर्चाझारखंड में कभी भी दस्तक दे सकता है मानसून, 12 जिलों में ऑरेंज अलर्ट जारीछात्रवृत्ति भुगतान दिसंबर से पहले सुनिश्चित करें : चमरा लिंडाझारखंड की जेलें होंगी हाईटेक, सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने को 16.86 करोड़ मंजूरपीवीयूएनएल की जीईएम-2026 कार्यशाला का समापन, दिव्यानी लिंडा को ₹2.40 लाख की प्रायोजन राशिपेसा नियमावली पर फैली भ्रांतियां दूर करने की मांग, ग्राम प्रधानों ने मंत्री से की मुलाकातसीएमपीडीआई सीएमडी से कर्मचारियों की समस्याओं पर हुई चर्चाझारखंड में कभी भी दस्तक दे सकता है मानसून, 12 जिलों में ऑरेंज अलर्ट जारीछात्रवृत्ति भुगतान दिसंबर से पहले सुनिश्चित करें : चमरा लिंडाझारखंड की जेलें होंगी हाईटेक, सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने को 16.86 करोड़ मंजूर
Uncategorized

पारस एचईसी हॉस्पिटल में शुरू होंगी विश्वस्तरीय नेत्र चिकित्सा सेवाएं

June 13, 2026 Khaberaajtak@gmail.com 1 min read

रांची: पारस एचईसी हॉस्पिटल ने झारखंड के मरीजों को बेहतर नेत्र चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए आईरिस हॉस्पिटल के साथ एमओयू किया है। इस साझेदारी के तहत अस्पताल में नियमित ओपीडी, अत्याधुनिक नेत्र जांच और आधुनिक तकनीक से लैस नेत्र सर्जरी की सुविधाएं उपलब्ध होंगी।

मरीजों को मोतियाबिंद, रेटिना, कॉर्निया, ग्लूकोमा और ओकुलोप्लास्टी सहित विभिन्न जटिल नेत्र रोगों के उपचार के लिए विशेषज्ञ चिकित्सकों की सेवाएं मिलेंगी। पारस हेल्थ रांची के फैसिलिटी डायरेक्टर डॉ. नीतेश कुमार ने कहा कि इस सहयोग से मरीजों को एक ही स्थान पर विशेषज्ञ परामर्श, उन्नत जांच और गुणवत्तापूर्ण नेत्र उपचार की सुविधा मिलेगी। वहीं, डॉ. सुबोध ने बताया कि पारस हॉस्पिटल में नेत्र रोग संबंधी सेवाएं आईरिस आई हॉस्पिटल द्वारा संचालित की जाएंगी। इस पहल से झारखंड में नेत्र चिकित्सा सेवाओं को नई मजबूती मिलने की उम्मीद है।

← पश्चिमी सिंहभूम में 13-14 जून को विशेष मतदाता कैंप, डीसी ने की भागीदारी की अपील झारखंड की जेलें होंगी हाईटेक, सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने को 16.86 करोड़ मंजूर →

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Related News

Opinion

View All →
रम
रमेश शर्मा
वरिष्ठ संपादक

भारत की विदेश नीति में एक नए युग की शुरुआत हो रही है।

पव
पवन वर्मा
राजनीतिक विश्लेषक

लोकतंत्र की जड़ें मज़बूत करने के लिए शिक्षा में सुधार जरूरी है।

नप
नेहा पाटिल
आर्थिक विशेषज्ञ

बजट से आम जनता को राहत मिलने की उम्मीद थी, पर महंगाई चुनौती बनी है।

अक
अरुण कुमार
पूर्व IAS अधिकारी

सरकारी तंत्र में पारदर्शिता लाने के लिए डिजिटल इंडिया की पहल कारगर है।