BREAKING NEWS
लोकतांत्रिक विरोध को कुचलना चाहती है हेमंत सरकार : बाबूलाल मरांडीसुप्रीम कोर्ट का नोटिस सरकार के लिए आईना, युवाओं के सवालों से भागना संभव नहीं : देवशरण भगतपरिसीमन के नाम पर आदिवासी राजनीतिक हिस्सेदारी में कटौती स्वीकार नहीं : शिल्पी नेहा तिर्कीश्रावण की सांस्कृतिक विरासत में रचे विद्यार्थियों के रंग, सुर और लोक परंपराएंप्रोस्टेट कैंसर पीड़ित 73 वर्षीय मरीज की रीढ़ की जटिल सर्जरी सफलजेपीएससी-जेएसएससी रिफॉर्म मंच की छात्रा ने आठ लोगों के खिलाफ दी शिकायतलोकतांत्रिक विरोध को कुचलना चाहती है हेमंत सरकार : बाबूलाल मरांडीसुप्रीम कोर्ट का नोटिस सरकार के लिए आईना, युवाओं के सवालों से भागना संभव नहीं : देवशरण भगतपरिसीमन के नाम पर आदिवासी राजनीतिक हिस्सेदारी में कटौती स्वीकार नहीं : शिल्पी नेहा तिर्कीश्रावण की सांस्कृतिक विरासत में रचे विद्यार्थियों के रंग, सुर और लोक परंपराएंप्रोस्टेट कैंसर पीड़ित 73 वर्षीय मरीज की रीढ़ की जटिल सर्जरी सफलजेपीएससी-जेएसएससी रिफॉर्म मंच की छात्रा ने आठ लोगों के खिलाफ दी शिकायत
Uncategorized

मजदूरों की जान से बड़ा कोई मुनाफा नहीं, हादसे की जिम्मेदारी तय हो : सुदेश महतो

August 24, 2026 Khaberaajtak@gmail.com 1 min read

रांची: आजसू पार्टी के केंद्रीय अध्यक्ष एवं पूर्व उपमुख्यमंत्री सुदेश कुमार महतो ने देवकमल अस्पताल पहुंचकर बड़काकाना स्थित मां छिन्नमस्तिके सीमेंट एंड स्पंज आयरन कंपनी हादसे में घायल मजदूर का हालचाल जाना। उन्होंने परिजनों से मुलाकात कर हरसंभव सहयोग का भरोसा दिया। सुदेश महतो ने कहा कि तीन मजदूरों की मौत और एक के गंभीर रूप से घायल होने की घटना को महज दुर्घटना बताकर जिम्मेदारी से नहीं बचा जा सकता। सुरक्षा मानकों की अनदेखी या प्रबंधन की लापरवाही सामने आने पर दोषियों पर कार्रवाई होनी चाहिए। उन्होंने मशीनरी, शीतलन प्रणाली, अग्निशमन व्यवस्था और सुरक्षा उपकरणों की उच्चस्तरीय तकनीकी जांच कराने की मांग की। मृत मजदूरों के आश्रितों को उचित मुआवजा व रोजगार तथा घायल मजदूर के इलाज का पूरा खर्च कंपनी द्वारा उठाने की मांग की।

← सस्टेनेबल ट्रांसपोर्टेशन के अंतरराष्ट्रीय अभियान से जुड़ा डीपीएस बोकारो, नाइजीरियन स्कूल की साझेदारी में हुए कई कार्यक्रम जेपीएससी-जेएसएससी रिफॉर्म मंच की छात्रा ने आठ लोगों के खिलाफ दी शिकायत →

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Related News

Opinion

View All →
रम
रमेश शर्मा
वरिष्ठ संपादक

भारत की विदेश नीति में एक नए युग की शुरुआत हो रही है।

पव
पवन वर्मा
राजनीतिक विश्लेषक

लोकतंत्र की जड़ें मज़बूत करने के लिए शिक्षा में सुधार जरूरी है।

नप
नेहा पाटिल
आर्थिक विशेषज्ञ

बजट से आम जनता को राहत मिलने की उम्मीद थी, पर महंगाई चुनौती बनी है।

अक
अरुण कुमार
पूर्व IAS अधिकारी

सरकारी तंत्र में पारदर्शिता लाने के लिए डिजिटल इंडिया की पहल कारगर है।